नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में अचानक एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने लगे हैं। इसके साथ ही सांस से जुड़ी दूसरी बीमारी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। तभी स्वाइन फ्लू के साथ साथ कोरोना वायरस के मामलों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। बताया गया है कि इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस वाले मरीजों की पहचान और निगरानी के साथ कोविड संक्रमण पर भी नजर रखी जा रही है। गौरतलब है कि 20 अगस्त को एक दिन में स्वाइन फ्लू के 114 मामले सामने आए।
दिल्ली में ऐसे मामलों में बढ़ोतरी के बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से स्वाइन फ्लू के लक्षणों को जल्दी पहचानने और अगर लक्षण बने रहें तो डॉक्टर की सलाह लेने की अपील की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, मंत्रालय ने कहा कि लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, नाक बहना, शरीर में दर्द और थकान शामिल हो सकते हैं और जिन लोगों को ये लक्षण दिख रहे हैं, उन्हें अपने नजदीकी हेल्थकेयर सेंटर जाने की सलाह दी है।
इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को देश में एच1एन1 इन्फ्लूएंजा के मौजूदा हालात और तैयारियों की समीक्षा की। इसमें खासतौर पर राष्ट्रीय राजधानी पर ध्यान दिया गया। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह भी इस बैठक में शामिल हुए।
गौरतलब है कि इस साल स्वाइन फ्लू के मामलों में असाधारण रूप से बढ़ोतरी हो रही है। नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल यानी एनसीडीसी के मुताबिक, 2025 में इसी समय के दौरान दर्ज किए गए 229 मामलों की तुलना में इस साल एच1एन1 संक्रमण की संख्या छह गुना से ज्यादा बढ़ गई है। इससे दिल्ली की स्वास्थ्य सेवा पर बहुत बोझ बढ़ गया है। स्वाइन फ्लू को लेकर संसद के हाल ही में खत्म हुए मानसून सत्र में भी स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जानकारी दी गई थी।
