नई दिल्ली। भारतीय वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा है कि भारतीय वायु सेना को तत्काल लड़ाकू विमानों की जरुरत है क्योंकि उसके लड़ाकू विमानों का बेड़ा लगातार छोटा होता जा रहा है। एपी सिंह ने शनिवार को यह भी कहा कि तेजस लड़ाकू विमानों को वायु सेना के बेड़े में शामिल करने में हो रही देरी से भारतीय वायु सेना को नुकसान हो रहा है।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने शनिवार को कहा कि मौजूदा हालात में चुनौतियों से निपटने के लिए हवाई ताकत बहुत जरूरी होती जा रही है और वायु सेना के पास लड़ाकू विमानों की संख्या कम हो रही है। उन्होंने कहा कि वायु सेना को अगले कुछ साल हर साल कम से कम 36 से 40 लड़ाकू विमान चाहिए। उन्हें उम्मीद है कि तेजस मार्क 1ए और फ्रांस से लिए जाने वाले राफेल जेट की आपूर्ति से स्थिति सुधरेगी।
गौरतलब है कि वायु सेना तेजस सहित कई लड़ाकू विमानों को अपने बेड़े में शामिल करना चाहती है, क्योंकि उसके लड़ाकू बेड़े की संख्या घट कर 29 रह गई है। स्क्वॉड्रन की आधिकारिक मंजूर संख्या 42 है। एयर चीफ मार्शल ने शनिवार को यह भी कहा कि भारत मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट सौदे को इसी वित्त वर्ष में अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि योजना के मुताबिक काम हुआ, तो ऐसा संभव है।
गौरतलब है कि फरवरी में भारत ने 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की लंबित योजना को मंजूरी दी थी। यह खरीद फ्रांस की सरकार के साथ भारत सरकार के समझौते के तहत होगी। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा खरीद सौदा है। गौरतलब है कि हाल के सभी सैन्य हस्तक्षेपों में वायु सेना की सबसे बड़ी भूमिका रही है। पिछले साल मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायु सेना ने आतंकवादियों के ठिकानों सहित पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को नष्ट किया था।
