नई दिल्ली। दिल्ली मेंट्रो के विस्तार की परियोजना को बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी। यह मेट्रो का पांच (ए) चरण है, जिस पर 12 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का खर्च आएगा। इसके तहत तीन नई लाइनों का निर्माण होगा, जिनकी कुल लंबाई 16 किलोमीटर से कुछ ज्यादा होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव इसकी जानकारी देते हुए कहा कि दिल्ली मेट्रो के इस चरण के निर्माण का खर्च भारत सरकार, दिल्ली सरकार और अंतरराष्ट्रीय फंडिंग एजेंसियां उठाएंगी।
दिल्ली मेट्रो के इस चरण की परियोजना के तहत सरकार ने तीन नए कॉरिडोर को मंजूरी दी है। इसको पूरा करने के लिए तीन साल का समय तय किया गया है। बताया गया है कि इस परियोजना के लिए भारत सरकार 1,759 करोड़ और दिल्ली सरकार 1,759 करोड़ की राशि देगी। बाकी रकम अंतरराष्ट्रीय फंडिंग एजेंसियों से आएगी। इसकी कुल लंबाई 16.076 किलोमीटर होगी। इस चरण में एक लाइन इंद्रप्रस्थ स्टेशन को आरके आश्रम स्टेशन से जोड़ने का है। यह नौ किलोमीटर से ज्यादा लंबी लाइन है। एयरोसिटी को टर्मिनल वन को जोड़ने की एक लाइन होगी। तीसरी लाइन तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज की है।
