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विलय का मामला अटक जाएगा

बारामती। अजित पवार के निधन के बाद शरद पवार को लग रहा है कि दोनों पार्टियों के बीच विलय के लिए चल रही बातचीत रूक जाएगी और फैसला अटक जाएगा। उन्होंने शनिवार को बारामती में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि चार महीने से इसकी बातचीत चल रही थी। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों के साथ मिल कर काम करने पर सहमति बन गई थी। उन्होंने शनिवार को कहा, ‘यह अजित पवार की भी इच्छा थी। इसे जरूर पूरा होना चाहिए’। हालांकि अब यह मामला आगे बढ़ता नहीं दिख रहा है। विलय की बात जब चल रही थी तब अजित पवार को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना था। लेकिन अब सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के लिए शरद पवार शायद ही राजी होंगे।

बहरहाल, शरद पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अजित पवार, जयंत पाटिल और शशिकांत शिंदे ने दोनों गुटों के विलय के बारे में बातचीत शुरू की थी। उन्होंने बताया कि 12 फरवरी को विलय का ऐलान होना था लेकिन दुर्भाग्य से, अजित पवार का उससे पहले निधन हो गया। गौरतलब है कि अजित पवार ने स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों के अगले दिन 17 जनवरी को बारामती में शरद पवार से मुलाकात की थी। इसमें दोनों पार्टियों के विलय की बात हुई थी। हालांकि इसमें अजित पवार की पार्टी की ओर से दूसरा कोई नेता शामिल नहीं हुआ था।

बदली हुई परिस्थितियों पर विचार के लिए शरद पवार के बारामती घर पर शनिवार सुबह पवार परिवार की बैठक हुई। इस बैठक में सुप्रिया सुले, रोहित पवार, युगेंद्र पवार और शरद पवार शामिल हैं। इसके अलावा शरद गुट के नेता भी बैठक में शामिल होने पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि ऐसी बैठक एक दिन पहले भी हुई थी, जिसके बाद अजित पवार की पार्टी के नेता सक्रिय हुए और उन्होंने आनन फानन में सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुन कर उनको उप मुख्यमंत्री बनाने का फैसला कराया।

इस पूरे घटनाक्रम पर शरद पवार ने कहा, ‘ये सारी चर्चाएं यहां बारामती में नहीं हो रही हैं, ये मुंबई में हो रही हैं। प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और दूसरे सीनियर नेता ये चर्चाएं कर रहे हैं। जो कुछ भी दिख रहा है, ऐसा लगता है कि ये फैसले उन्हीं ने लिए हैं। मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा’। ‘डिप्टी सीएम पद के लिए सुनेत्रा पवार का नाम दिए जाने की मुझे कोई जानकारी नहीं है। उनकी पार्टी ने फैसला किया होगा। मैंने आज अखबार में देखा। प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे कुछ नाम हैं, जिन्होंने कुछ फैसले लेने की पहल की है’। पवार ने कहा, ‘अगर परिवार में कोई समस्या होती है, तो परिवार एकजुट रहता है। परिवार में कोई समस्या नहीं है’।

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