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विपक्ष ने कहा, वांगचुक को हटाना गलत

New Delhi, Jul 17 (ANI): Environmentalist Sonam Wangchuk on the 20th day of his indefinite hunger strike as part of the Cockroach Janata Party's (CJP) protest, demanding the Union Education Minister Dharmendra Pradhan's resignation over alleged examination irregularities and NEET paper leak, at Jantar Mantar in New Delhi on Friday. (ANI Photo/Amit)

नई दिल्ली। प्रतियोगिता परीक्षाओं में पेपर लीक और छात्रों को हो रही परेशान के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जोर जबरदस्ती जंतर मंतर से हटाने की पुलिस की कार्रवाई की विपक्ष ने आलोचना की है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से लेकर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस घटना की निंदा की है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, ‘मोदी सरकार के मूल सिद्धांत असत्य और हिंसा हैं। सोनम वांगचुक जी को शांतिपूर्ण भूख हड़ताल के दौरान जंतर मंतर से हटाया जाना गलत है’। उन्होंने आगे लिखा, ‘पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्याएं भारत के भविष्य से जुड़े बेहद गंभीर मुद्दे हैं। भारत के छात्रों और उन पर भरोसा करने तथा उनसे प्रेम करने वाले हम लोगों को इन मुद्दों को उठाने से कोई भी ताकत नहीं रोक सकती’।

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लोगों से जंतर मंतर पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए सोनम वांगचुक अनशन पर बैठे थे। लेकिन उनसे बातचीत करने के बजाय सरकार ने बल प्रयोग का रास्ता चुना। केजरीवाल ने कहा, ‘अगर आज देश एकजुट नहीं होगा, तो कल बहुत देर हो जाएगी। देश के बच्चों का भविष्य बचाने के लिए जंतर मंतर पहुंचिए’।

उद्धव ठाकरे ने भी इसे लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को विरोध कर रहे युवाओं से बातचीत करनी चाहिए। ठाकरे ने कहा कि सरकार नागरिकों की जान की परवाह नहीं करती है। उन्होंने कहा, ‘यह शर्मनाक है कि वांगचुक को जंतर मंतर से कैसे हटाया गया। वांगचुक अपनी जान देने की कगार पर हैं और कई युवा भूख हड़ताल पर हैं, लेकिन बीजेपी BJP सरकार को नागरिकों या युवाओं की जान की कोई परवाह नहीं है। जो सरकार नीट जैसी परीक्षाएं ठीक से नहीं करा सकती, उसे यह बताना चाहिए कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले कितने युवाओं को अपनी जान देनी होगी’।

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने सोनम वांगचुक का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार को किसी दुखद नतीजे का इंतजार नहीं करना चाहिए और बातचीत करने में कोई बुराई नहीं है। भारत की अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज मनु भाकर ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट लिख कर वांगचुक के अनशन का समर्थन किया और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की मांग की।

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