Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

डॉलर की कीमत 93 रुपए से ज्यादा

मुंबई। पश्चिम एशिया में चल रही जंग के बीच डॉलर 93 रुपए की मनोवैज्ञानिक सीमा को पार कर गया है। भारतीय मुद्रा यानी रुपया शुक्रवार, 20 मार्च को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इतिहास के सबसे निचले स्तर 93.24 पर पहुंच गया। माना जा रहा है कि तेल के बढ़ते आयात बिल और विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकालने के कारण रुपए में इतनी बड़ी गिरावट आई है। गौरतलब है कि गुरुवार को गुड़ी पड़वा की वजह से मुद्रा बाजार बंद था। लेकिन आशंका थी कि शुक्रवार को बड़ी गिरावट हो गई।

शुक्रवार को दिन के कारोबार के दौरान डॉलर 93.24 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक गया था, हालांकि बाद में यह थोड़ा संभल कर 93.12 पर आ गया। इस महीने की शुरुआत में रुपया 92 के स्तर पर था। माना जा रहा है कि रुपए की कीमत में गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल है। खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों पर ईरान के हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है और यह 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।

गौरतलब है कि भारत अपनी जरूरत का करीब 85 फीसदी तेल आयात करता है, जिसके लिए डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। तेल महंगा होने से डॉलर की मांग बढ़ी और इस वजह से रुपया कमजोर हो गया। इसके अलावा एक कारण यह भी है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने मार्च महीने में अब तक भारतीय शेयर बाजार से आठ अरब डॉलर यानी करीब 83 हजार करोड़ रुपए निकाल लिए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई लगातार विदेशी मुद्रा बाजार में दखल दे रहा है। बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार से डॉलर निकाल रुपए की गिरावट को थामने की कोशिश कर रहा है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्थितियां इतनी अनिश्चित हो गई हैं कि बहुत कामयाबी नहीं मिल पा रही है।

Exit mobile version