नई दिल्ली। नीट यूजी पेपर लीक के खिलाफ और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को क्या बलपूर्वक समाप्त कराया जाना जाना है? गुरुवार की शाम को यह आशंका गहरा गई क्योंकि कनॉट प्लेस और आसपास की सारी दुकानों को शाम साढ़े छह बजे बंद कर देने का आदेश दिया गया। कनॉट प्लेस की सारी दुकानें, यहां तक कि रेस्तरां भी शाम साढ़े छह बजे बंद कर दिए गए।
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन ने गुरुवार, 23 जुलाई को कनॉट प्लेस की सभी दुकानें, ऑफिस और रेस्तरां को शाम साढ़े छह बजे तक बंद करने की अपील की थी। इससे पहले एनडीएमसी ने अपनी एडवाइजरी में कहा कि एनडीएमसी चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की सलाह पर कनॉट प्लेस के आसपास की गंभीर स्थिति को देखते हुए यह फैसला किया गया।
इस एडवाइजरी की कॉपी सामने आने के बाद दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर इसे शेयर किया और पूछा, ‘क्या मोदी सरकार आज फिर जंतर मंतर पर अपने बच्चों पर बर्बर हमला करेगी’? गौरतलब है कि जंतर मंतर और कनॉट प्लेस के बीच करीब एक किलोमीटर की दूरी है।
