नई दिल्ली। पहाड़ों पर भारी बर्फबारी जारी है और उसकी वजह से भीषण ठंड पड़ रही है। इस बीच पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से एक बार फिर मौसम बदलने की संभावना है। एक फरवरी से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ सकती है और बारिश होने की भी संभावना है। तीन दिन तक पश्चिमी विक्षोभ का असर रहेगा। उत्तर भारत के कई इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रह रहा है।
उधर पहाड़ों में जम्मू कश्मीर में बर्फबारी के कारण भीषण सर्दी पड़ रही है। अधिकांश जगहों पर गुरुवार रात में न्यूनतम तापमान जीरो डिग्री से नीचे चला गया। सोनमर्ग सबसे ठंडी जगह रही। यहां पारा माइनस 11.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। गुलमर्ग में माइनस नौ डिग्री तापमान रहा। उत्तराखंड के आदि कैलाश, केदारनाथ और बद्रीनाथ में शुक्रवार को बर्फबारी हुई। वहीं, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और ऊधम सिंह नगर के निचले इलाकों में सुबह कोहरा छाया रहा।
मौसम विभाग ने शुक्रवार की शाम तक उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में हिमस्खलन का खतरा बताया था। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में तीन हजार मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अलर्ट था। राजधानी दिल्ली में मौसम साफ रहा लेकिन हरियाणा में शीतलहर और घने कोहरे का दौर जारी है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई। बर्फीली हवाओं के कारण ठिठुरन बरकरार है।
उधऱ, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई जिलों में शुक्रवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भिंड रोड हाईवे पर कोहरे के कारण एक ट्रक ने कार को टक्कर मार दी। इससे कार सवार सभी चार लोगों की मौत हो गई। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में नेशनल हाईवे नंबर 58 पर पांच से ज्यादा गाड़ियां आपस में टकरा गईं। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि छह से ज्यादा लोग घायल हैं। पंजाब में भी शीतलहर जैसे हालात हैं। कई इलाकों में तापमान तीन डिग्री के आसपास दर्ज किया गया।
