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चिनाब रेल पुल पर दौड़ी रेलगाड़ी

ByNI Desk,
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नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने जम्मू-कश्मीर में कश्मीर घाटी को शेष भारत से रेललिंक से जोड़ने की दिशा में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संगलदान से रियासी तक करीब 46 किलोमीटर के खंड पर मेमू ट्रेन का पहली बार सफल परीक्षण किया जिसमें दुनिया का सबसे ऊंचा चिनाब रेल पुल शामिल है।

जम्मू-कश्मीर को एक वैकल्पिक और विश्वसनीय परिवहन प्रणाली प्रदान करने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार द्वारा निर्माणाधीन 272 किलोमीटर की उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना (यूएसबीआरएल) के तहत उधमपुर से बारामूला तक कश्मीर घाटी को भारतीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ने वाली लंबी रेलवे लाइन का केवल 17 किलोमीटर का भाग बाकी रह गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में बानिहाल से संगलदान तक करीब 48 किलोमीटर का खंड इसी वर्ष फरवरी में खोला गया था।

रेलवे बोर्ड, उत्तर रेलवे और कोंकण रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा चिनाब पुल के व्यापक निरीक्षण के बाद, आज एक आठ कोच वाले मेमू ट्रेन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। रामबन जिले के संगलदान और रियासी के बीच 46 किलोमीटर की विद्युतीकृत लाइन खंड पर मेमू ट्रेन 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से गुजरी। यह पहली पूरी ट्रेन थी जिसने चिनाब नदी पर दुग्गा और बक्कल स्टेशनों के बीच दुनिया के सबसे ऊंचे आर्च रेल पुल को किया। इस रेल खंड में रियासी, बक्कल, दुग्गा और सावलकोटे स्टेशन रियासी जिले में स्थित हैं।

इसके साथ ही अब रियासी से श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्टेशन के बीच करीब 17 किलोमीटर की खंड बाकी रह गया है जिसमें एक सुरंग का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है। यह काम भी करीब एक माह में पूरा हो जाने की आशा है।

इसके पहले भी यूएसबीआरएल परियोजना में करीब 48.1 किलोमीटर लंबे बानिहाल-संगलदान खंड का उद्घाटन इसी साल 20 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया था इस खंड में करीब 43 किलोमीटर का हिस्सा सुरंगों में स्थित है। सबसे पहले 118 किलोमीटर लंबे काजीगुंड-बारामूला खंड के पहले चरण का उद्घाटन अक्टूबर 2009 में किया गया था। जून 2013 में 18 किलोमीटर लंबे बानिहाल-काजीगुंड खंड और जुलाई 2014 में करीब 25 किलोमीटर लंबे उधमपुर-श्री माता वैष्णो देवी कटरा खंड का उद्घाटन हुआ था।

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