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मणिपुर में चौथे दिन भी प्रदर्शन

इम्फाल। मणिपुर में हिंसक प्रदर्शनों का सिलसिला थम नहीं रहा है। शुक्रवार को जानकारी मिली कि गुरुवार की देर रात तक प्रदर्शनकारियों ने इम्फाल की सड़कों पर बड़ा हंगामा किया। सड़कों के आसपास की चीजों को आग लगा दी। विस्फोट की आवाज भी सुनी गई और आग व धुएं का गुबार उठने का वीडियो भी सामने आया है। गुरुवार को प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के निजी आवास पर भी हमले का प्रयास किया। इसके अगले दिन शुक्रवार को कई इलाकों में मौन जुलूस निकाला गया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुए।

मणिपुर में जुलाई महीने से लापता दो छात्रों की हत्या को लेकर शुक्रवार को कई इलाकों में प्रदर्शन हुए। शुक्रवार को केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के छात्रों ने मौन धरना दिया। इन छात्रों ने इंटरनेट पर पाबंदी का विरोध किया। गौरतलब है कि महीनों के बाद पिछले हफ्ते मोबाइल इंटरनेट पर से पाबंदी हटी थी। उसके बाद ही दोनों लापता नाबालिग छात्रों के शव की तस्वीरें वायरल हुईं और मंगलवार को कई इलाकों में प्रदर्शन शुरू हो गया।

बुधवार को थोबुल में भाजपा दफ्तर पर हमला हुआ था और इम्फाल में भाजपा की अध्यक्ष शारदा देवी के घर पर भी हमला हुआ था। इसे देखते हुए भाजपा के कार्यालय पर रैपिड एक्शन फोर्स यानी आरएफ और केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स, सीआरपीएफ को तैनात किया गया है। गुरुवार को गुस्साई भीड़ इम्फाल में मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के निजी घर पर हमला करने पहुंची। हालांकि, पुलिस ने उनको घर से करीब पांच सौ मीटर पहले ही रोक लिया। आंसू गैस के गोले दाग कर उन्हें भगाया गया। फिलहाल मुख्यमंत्री के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

इस बीच शुक्रवार सुबह जरूरी चीजें और दवाएं खरीदने के लिए इम्फाल पूर्व और पश्चिम के जिलों में सुबह पांच बजे से 11 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई थी, लेकिन भीड़ इकट्‌ठा होने पर रोक थी। गौरतलब है कि सरकार ने राज्य के 19 थाना क्षेत्रों को छोड़ कर समूचे पहाड़ी इलाकों में सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून, अफस्पा को छह महीने के लिए बढ़ाने का फैसला किया है। हैरानी की बात ये है कि जिन इलाकों में हिंसा भड़की है, उन्हें मणिपुर सरकार ने शांत क्षेत्र घोषित कर रखा है और इन इलाकों से अफस्पा हटा दिया गया है।

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