नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दो सबसे करीबी सहयोगी देशों फ्रांस और ब्रिटेन से नाराजगी जताई है। फ्रांस से ट्रंप इतने नाराज हुए हैं कि उसके ऊपर दो सौ फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दे डाली है। ब्रिटेन से उनकी नाराजगी डिएगो गार्सिया द्वीप मॉरीशस को सौंपे जाने की तैयारियों के कारण है। गौरतलब है कि हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया द्वीप, जिसे चागोस द्वीप भी कहते हैं उसे ब्रिटेन ने मॉरीशस को सौंपने का फैसला किया है। इस द्वीप पर ब्रिटेन और अमेरिका दोनों के सैन्य अड्डे हैं। उन्होंने ब्रिटेन के फैसले से नाराजगी जताते हुए इसे बिना मतलब का फैसला बताया है।
इसी तरह उन्होंने गाजा पीस बोर्ड में शामिल होने से फ्रांस के इनकार को लेकर उसे धमकी दी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्रांस के वाइन और शैम्पेन पर दो सौ फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ट्रंप ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हम फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों को शामिल भी नहीं करना चाहते, क्योंकि बहुत जल्दी उनकी कुर्सी छिनने वाली है। उन्होंने कहा, ‘अगर मुझे लगा तो मैं फ्रांसीसी वाइन और शैम्पेन पर दो सौ फीसदी टैरिफ लगाऊंगा, फिर मैक्रों खुद पीस बोर्ड में शामिल हो जाएंगे’।
इतना ही नहीं ट्रंप ने मैक्रों के एक प्राइवेट मैसेज का स्क्रीनशॉट भी सोशल मीडिया पर साझा दिया। इस मैसेज में इमेनुअल मैक्रों ने लिखा था, ‘सीरिया के मुद्दे पर हम पूरी तरह आपसे सहमत हैं। ईरान के मामले में हम काफी कुछ कर सकते हैं, लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा कि आप ग्रीनलैंड में क्या कर रहे हैं’। एक मत तक पहुंचने के लिए मैक्रों ने एक औपचारिक बैठक का प्रस्ताव भी रखा। मैक्रों ने कहा, ‘मैं पेरिस में जी7 की बैठक बुला सकता हूं। मैं यूक्रेन, डेनमार्क, सीरिया और रूस को भी इसमें आमंत्रित कर सकता हूं’। मैक्रों ने अमेरिका लौटने से पहले ट्रम्प को साथ में डिनर करने का भी न्योता दिया।
