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असम विधानसभा में यूसीसी विधेयक पास, 6 महीने में लागू होगा कानून

Guwahati, May 27 (ANI): Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma arrives to attend the fifth day of the first session of the 16th Assam Legislative Assembly, in Guwahati on Wednesday. (ANI Photo)

असम विधानसभा ने बुधवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक 2026 पारित कर दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि अब इस विधेयक को मंजूरी के लिए राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य के पास भेजा जाएगा और फिर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की स्वीकृति के लिए अग्रेषित किया जाएगा।

विधानसभा में विधेयक पारित होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने इसे “ऐतिहासिक” कदम बताया और सदन के सभी सदस्यों का समर्थन के लिए आभार जताया।

उन्होंने कहा आज असम विधानसभा ने समान नागरिक संहिता विधेयक 2026 पारित किया है। मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूं और इस ऐतिहासिक कानून को अपनाने के लिए विधानसभा के सभी सदस्यों का धन्यवाद करता हूं।

सरमा ने बताया कि विधेयक को पहले असम के राज्यपाल के पास भेजा जाएगा और उसके बाद राष्ट्रपति की अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद ही यह कानून राज्य में लागू होगा।

उन्होंने कहा अब यह विधेयक महामहिम राष्ट्रपति जी की मंजूरी के लिए जाएगा। मंजूरी मिलते ही असम में इस कानून को पूरी तरह लागू किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि कानून लागू करने से जुड़े छह से सात नियमों को अधिसूचित करना होगा, जिसके लिए मंत्रिमंडल की मंजूरी जरूरी होगी।

उन्होंने कहा कानून लागू करने से जुड़े नियम पहले से तैयार हैं, लेकिन विधेयक को मंजूरी मिलने से पहले उन्हें अधिसूचित नहीं किया जा सकता।

सरमा के मुताबिक, राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में तीन से छह महीने का समय लग सकता है। इसके बाद असम में यूसीसी लागू कर दिया जाएगा।

प्रस्तावित कानून में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, संपत्ति के बंटवारे और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मामलों के लिए सभी धर्मों पर समान नागरिक ढांचा लागू करने का प्रावधान है।

विधेयक में बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने और लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य करने का भी प्रस्ताव है।

भाजपा नीत असम सरकार का कहना है कि यूसीसी का उद्देश्य समानता और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना है, जबकि विपक्षी दलों और कई संगठनों ने इसके कुछ प्रावधानों और छूटों को लेकर चिंता जताई है।

Pic Credit : ANI

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