नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका का हमला अब एक नए स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों के बाद अब उसकी नागरिक सुविधाओं पर हमला शुरू कर दिया है। अमेरिकी फौज ने ईरान के एक वाटर प्लांट पर हमला करके उसे नष्ट कर दिया है। समुद्र के खारे पानी को साफ करके पीने योग्य बनाने वाले इस प्लांट पर हमले से पानी की आपूर्ति ठप्प होगी।
ईरान ने शनिवार को बताया कि अमेरिका ने होर्मोजगान प्रांत में हवाई हमला कर बोंजी डिसैलिनेशन प्लांट को तबाह कर दिया। इस हमले के बाद 20 गांवों के करीब 10 हजार लोगों की पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप्प हो गई है। दूसरी ओ कुवैत का दावा है कि ईरान उसके यहां पीने के पानी के संयत्र पर हमला कर रहा है। उसने कहा है कि ईरान ने लगातार दूसरे दिन उसके पानी के प्लांट को निशान बनाया है। गौरतलब है कि कुवैत में पीने का करीब 90 फीसदी पानी समुद्र के खारे पानी से ही तैयार किया जाता है।
इस बीच अब ईरान ने भी अमेरिका के साथ एक महीने पहले हुए समझौते से पीछे हटने का ऐलान किया है। उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि अमेरिका ने खुद समझौते का उल्लंघन किया, इसलिए तेहरान अब उसकी शर्तों का पालन नहीं करेगा। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया था कि 17 जून को हुआ समझौता समाप्त हो गया है। इस समझौते में 14 बिंदुओं पर सहमति बनी थी और उसके बाद दो बार तकनीकी मुद्दों पर वार्ता भी हुई थी। लेकिन अचानक एक दिन राष्ट्रपति ट्रंप ने समझौता समाप्त होने का ऐलान कर ईरान पर हमला शुरू कर दिया।
