नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक और देश का सर्वोच्च सम्मान मिल गया है। उज्बेकिस्तान के दौरे पर गए प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को वहां के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने अपने देश के सर्वोच्च राज्य सम्मान ‘ओली दाराजली दोस्लिक’ से सम्मानित किया। उज्बेक भाषा के इसका मतलब है, उच्च स्तरीय मित्रता। यह प्रधानमंत्री मोदी को मिला 36वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। मोदी के इस दौरे में दोनों देशों के बीच यूरेनियम को लेकर समझौता हुआ और दोनों देशों ने आपसी व्यापार को पांच अरब डॉलर पहुंचाने का संकल्प किया।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शौकत के बीच ताशकंद में दोपक्षीय बैठक हुई। बैठक में भारत व उज्बेकिस्तान के बीच यूरेनियम आपूर्ति पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने 2030 तक सालाना दोपक्षीय व्यापार को पांच अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। अभी दोनों देशों के बीच व्यापार एक अरब डॉलर से ज्यादा है। बैठक के बाद प्रधानमंत्री मी ने मीडिया को संबोधन किया, जिसमें कहा कि दोनों देश रक्षा क्षेत्र में सीधा सहयोग, मिलकर हथियारों का उत्पादन और नई तकनीक विकसित करेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद को दोनों देश क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा मानते हैं। इन खतरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रखने पर दोनों की सहमति है। उन्होंने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के रिश्तों की मजबूत नींव साझी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत है। प्रधानमंत्री मोदी ताशकंद में भारत के प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के स्मारक पर गए और उनको श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज का भी दौरा किया।
उज्बेकिस्तान दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक जाएंगे। वहां वे एक सितंबर तक होने वाले शंघाई सहयोग संगठन यानी एससीओ की 26वीं सालाना बैठक में हिस्सा लेंगे। सम्मेलन से इतर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से प्रधानमंत्री की दोपक्षीय वार्ता होगी। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी बिश्केक में रहेंगे। पुतिन और शी 12 व 13 सितंबर को भारत में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में भी शामिल होंगे।
