Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

नौसेना के डिप्टी चीफ का कार्यभार संभाला वाइस एडमिरल ए एन प्रमोद ने

वाइस एडमिरल ए एन प्रमोद ने शनिवार को यहां नौसेना के डिप्टी चीफ के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।

रक्षा मंत्रालय ने आज यहां बताया कि गोवा स्थित नौसेना अकादमी के 38वें एकीकृत कैडेट पाठ्यक्रम के पूर्व छात्र, वाइस एडमिरल ए एन प्रमोद एक जुलाई 1990 को भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे। फ्लैग ऑफिसर श्रेणी ‘ए’ के सी किंग एयर ऑपरेशंस ऑफिसर और संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक युद्ध विशेषज्ञ हैं । वे वेलिंगटन स्थित रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज और गोवा स्थित नौसेना युद्ध महाविद्यालय के नौसेना उच्च कमान पाठ्यक्रम के भी पूर्व छात्र हैं।

छत्तीस वर्षों से अधिक लंबे विशिष्ट करियर में फ्लैग ऑफिसर ने नौसेना में जहाज पर और तट पर दोनों में कमान, संचालन, प्रशिक्षण और स्टाफ से संबंधित कई पदों पर कार्य किया है। नौसेना में उनके प्रमुख पदों में गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर आईएनएस राजपूत के कार्यकारी अधिकारी, पनडुब्बी रोधी गश्ती पोत आईएनएस अभय, लैंडिंग शिप टैंक (बड़ा) आईएनएस शार्दुल और गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस सतपुड़ा की कमान शामिल हैं। उन्होंने गलवान घटना के बाद ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के दौरान पश्चिमी बेड़े के फ्लीट ऑपरेशंस ऑफिसर के रूप में भी कार्य किया । फ्लैग ऑफिसर ने 1999 में ऑपरेशन विजय और 2001 में ऑपरेशन पराक्रम में भाग लिया।

Also Read : वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर दिल्ली में 192 रुपये सस्ता

तटवर्ती क्षेत्रों में, फ्लैग ऑफिसर ने श्री विजयपुरम स्थित नौसेना वायुसेना स्टेशन आईएनएस उत्क्रोश की कमान संभाली और वेलिंगटन स्थित रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज में निदेशक स्टाफ के रूप में कार्य किया। नौसेना मुख्यालय में उनके प्रमुख पदों में संयुक्त निदेशक नौसेना वायुसेना, निदेशक और प्रधान निदेशक विमान अधिग्रहण शामिल हैं। वे 2006 से 2009 तक सामरिक लेखापरीक्षा समूह और 2016 से 2019 तक भारतीय नौसेना सामरिक एवं परिचालन परिषद के सदस्य भी रहे।

रियर एडमिरल के पद पर पदोन्नति के बाद, उन्होंने भारतीय नौसेना अकादमी के उप कमान अधिकारी, नौसेना स्टाफ के सहायक प्रमुख (वायु) और महाराष्ट्र नौसेना क्षेत्र के फ्लैग ऑफिसर के पदों पर कार्यभार संभाला।

वाइस एडमिरल के पद पर पदोन्नत होने के बाद, उन्होंने 13 दिसंबर 2023 से इस वर्ष 31 जुलाई तक नौसेना संचालन महानिदेशक के रूप में कार्य किया। महानिदेशक के रूप में वह ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय नौसेना की योजना, तैयारी और परिचालन तत्परता में और पश्चिम एशिया संकट के दौरान समुद्री सुरक्षा अभियानों के संचालन में शामिल थे ।

उनकी विशिष्ट सेवा और परिचालन नेतृत्व को मान्यता देते हुए, फ्लैग ऑफिसर को 2024 में अति विशिष्ट सेवा पदक और 2025 में युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया। वह वाइस एडमिरल तरुण सोबती का स्थान लेंगे, जो 38 वर्षों से अधिक की विशिष्ट सेवा के बाद शुक्रवार को सेवानिवृत्त हो गये।

Pic Credit : ANI

Exit mobile version