चेन्नई। तमिल फिल्मों के सुपर स्टार विजय की मुख्यमंत्री पद की शपथ दो बार टलने के बाद अब ऐसा लग रहा है कि तमिलनाडु में नई सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। टीवीके प्रमुख विजय ने आखिरकार बहुमत जुटा लिया है और सरकार बनाने के लिए जरूरी 117 की संख्या से चार ज्यादा यानी 121 विधायकों के समर्थन का पत्र राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को सौंप दिया है। इसके बाद राज्यपाल आर्लेकर ने उनको सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। विजय रविवार को सुबह 10 बजे शपथ लेंगे।
विजय पिछले चार दिन से लगातार राज्यपाल से मिलने जा रहे थे। हालांकि पहले ही दिन राज्यपाल ने उनसे कह दिया था कि वे सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरे हैं, इस आधार पर उनको सरकार बनाने का न्योता नहीं मिलेगा। राज्यपाल ने छह मई को ही उनसे कहा था कि वे बहुमत का आंकड़ा दिखाएं। बहरहाल, विजय शुक्रवार को 116 विधायकों की सूची लेकर गए थे और कहा था कि वीसीके के दो विधायकों का समर्थन पत्र भी वे जल्दी सौंप देंगे। इस आधार पर राज्यपाल ने उनको शनिवार को सुबह 11 बजे शपथ लेने के लिए कह दिया था। लेकिन वीसीके का समर्थन पत्र उस समय तक नहीं पहुंचा, जिससे शपथ टल गई।
शनिवार को वीसीके के दो विधायकों का समर्थन पत्र विजय को मिला, जिसे लेकर वे राज्यपाल से मिलने गए। इसी के साथ राज्य में सरकार गठन को लेकर जारी सस्पेंस लगभग खत्म हो गया। गौरतलब है कि चार मई को आए चुनाव नतीजों में विजय की पार्टी को सबसे ज्यादा 108 सीटें मिली थीं। लेकिन यह बहुमत के आंकड़े से 10 कम था। ऊपर से विजय दो सीटों से जीते थे। एक सीट खाली करने पर उनका आंकड़ा और कम होगा।
लेकिन नतीजों के तुरंत बाद कांग्रेस ने अपने पांच विधायकों का समर्थन विजय की पार्टी को दे दिया। अब सीपीआई के दो, सीपीएम के दो, वीसीके के दो और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के दो विधायकों का समर्थन उनको मिल गया है। इस तरह उनका आंकड़ा 121 पहुंच गया है। इनमें से कांग्रेस और दोनों लेफ्ट पार्टियों का समर्थन शुक्रवार को मिल गया था और वीसीके और मुस्लिम लीग का समर्थन शनिवार को मिला।
बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ा पूरा होने के बाद वे शनिवार को फिर राज्यपाल से मिले और सरकार बनाने का दावा पेश किया। चार दिनों में राज्यपाल से यह उनकी चौथी मुलाकात थी। इससे पहले विजय ने छह, सात और आठ मई को भी राज्यपाल से मिल कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था, लेकिन बहुमत नहीं होने के कारण राज्यपाल ने उन्हें लौटा दिया था।
गौरतलब है कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों में विजय की पार्टी ने कुल 234 सीटों में से सबसे ज्यादा 108 सीटें जीतीं। डीएमके को 59 सीटें मिलीं, जबकि उसकी सहयोगी पार्टियों को 14 सीटें मिलीं। अन्ना डीएमके और उसकी सहयोगी पार्टियों को कुल 53 सीटें मिलीं, जिसमें अन्ना डीएमके की 47 सीटें हैं। इस तरह सरकार बनाने के लिए 118 का बहुमत किसी को नहीं मिला। लेकिन नतीजों के तुरंत बाद कांग्रेस ने डीएमके से गठबंधन तोड़कर टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया। बाद में विजय ने कम्युनिस्ट पार्टियों के दफ्तर जाकर उनका समर्थन मांगा।
इस बीच टीवीके को समर्थन देने के बाद वीसीके चीफ थोल थिरुमावलवन ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी अब भी डीएमके गठबंधन का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक संकट के दौरान वीसीके ने एक स्वतंत्र राजनीतिक दल के रूप में टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया है।
