नई दिल्ली। बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद की 28 सीटों पर शुक्रवार को मतदान संपन्न हो गया। छिटपुट घटनाओं को छोड़ कर चारों राज्यों में मतदान शांतिपूर्ण रहा। सभी 28 सीटों पर सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक वोटिंग हुई। ये सभी सीटें स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में चारों राज्यों में अच्छा खासा मतदान हुआ, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान कम हुआ। वोटों की गिनती 27 अक्टूबर को होगी।
उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 11 सीटों पर वोटिंग हुई है। उत्तर प्रदेश के चुनाव पर सबकी नजर है क्योंकि चार महीने के बाद राज्य में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। इसलिए विधान परिषद चुनाव के नतीजों का इस्तेमाल विधानसभा चुनाव के लिए नैरिटिव बनाने में किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में शाम चार बजे तक 55.24 फीसदी वोट डाले गए। वाराणसी, गोरखपुर, आगरा, बरेली और जालौन सहित 25 शहरों में वोटिंग हुई। इटावा में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने वोट डाला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा समर्थक मतदाताओं को रोका जा रहा है। चुनाव आयोग नींद की गोली खाकर सो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को ‘वोट चोरी की यूनिवर्सिटी’ खोल लेनी चाहिए।
बिहार की आठ सीटों पर शुक्रवार को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान हुआ। चार बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 74.55 फीसदी और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 43.87 फीसदी मतदान हुआ। बिहार में पहली बार सभी सीटों पर त्रिकोणात्मक चुनाव हुआ है। हालांकि कांग्रेस और राजद दोनों अलग अलग लड़े लेकिन मतदान के दिन कई सीटों पर अंडरस्टैंडिंग दिखी। इनके अलावा एनडीए और जनसुराज पार्टी के भी उम्मीदवार सभी सीटों पर लड़े। सीपीआई अपनी एक जीती हुई सीट बचाने के लिए पूरी ताकत से लड़ी है।
बहरहाल, उत्तर प्रदेश में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, इलाहाबाद-झांसी की पांच स्नात्तक और लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद, गोरखपुर-फैजाबाद की छह शिक्षक सीटों पर चुनाव हुआ। बिहार में पटना, दरभंगा, तिरहुत, कोसी की चार स्नातक और पटना, दरभंगा, तिरहुत, सारण की चार शिक्षक सीटों पर चुनाव हुआ। महाराष्ट्र में औरंगाबाद-छत्रपति संभाजीनगर, पुणे और नागपुर में तीन स्नातक और अमरावती व पुणे की दो शिक्षक सीटों पर वोट डाले गए। उधर कर्नाटक में दो शिक्षक और दो स्नातक सीटों पर मतदान हुआ।
