भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा को दतिया विधानसभा सीट से टिकट नहीं दिए जाने पर के खिलाफ शनिवार को लगातार दूसरे दिन भी हंगामा जारी रहा। इस बीच मिश्रा ने कहा कि उनसे अभी तक किसी बड़े नेता ने बात नहीं की है। हालांकि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दतिया से भाजपा उम्मीदवार के जीतने का ऐलान किया तो पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्य सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा में उम्मीदवार बदलने का रिवाज नहीं रहा है।
गौरतलब है कि नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। शुक्रवार शाम यह खबर मिलने के बाद से ही नरोत्तम मिश्रा के समर्थक भड़के हुए हैं। उन्होंने हिंसक विरोध प्रदर्शन किया और कई जगह पथराव करके चक्का जाम किया। उनके समर्थकों की पुलिस से झड़प भी हुई। शनिवार सुबह प्रशासन ने पूरे जिले में बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी। इसके तहत बिना अनुमति किसी भी सभा, जुलूस, धरना प्रदर्शन और सार्वजनिक आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर भी रोक लगा दी गई है। कोतवाली पुलिस ने 17 बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज की है।
इस बीच टिकट कटने के बाद नरोत्तम मिश्रा भोपाल पहुंच गए हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि पार्टी के किसी बड़े नेता का उन्हें फोन नहीं आया। उन्होंने साथ ही कहा, ‘पार्टी ने जो निर्णय लिया है, उसका मैं सम्मान करता हूं। नाराज कार्यकर्ताओं को मना लिया जाएगा। सभी मिलकर काम करेंगे’। इससे पहले शनिवार सुबह करीब साढ़े चार बजे हुए पथराव में एसपी, एसडीओपी और आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। वहीं नरोत्तम मिश्रा के कुछ समर्थकों के भी घायल होने की सूचना है। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात किया। बताया गया कि कुछ समर्थकों ने भाजपा कार्यालय में खुद को बंद कर लिया था, जिन्हें बाद में प्रशासन की समझाइश के बाद बाहर निकाला गया।
दूसरी ओर उज्जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, ‘भगवान की दया है। अब तक जीत का सिलसिला जारी है। दतिया उपचुनाव भी जीतेंगे’। उज्जैन में ही मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ‘भाजपा में टिकट बदलने की परंपरा नहीं है’। गौरतलब है कि पिछले चुनाव में नरोत्तम मिश्रा दतिया सीट पर हार गए थे। उनको हराने वाले कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती को पिछले दिनों एक मामले में सजा हो गई, जिसकी वजह से यह सीट खाली हुई है।
