जंतर-मंतर पर जारी नीट विरोधी आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के घटनाक्रम पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने देशवासियों और प्रदर्शनकारी युवाओं को बधाई दी है।
श्री वांगचुक ने ‘एक्स’ पर पोस्ट के साथ अपनी एक तस्वीर भी साझा की। तस्वीर में वह अस्पताल के बिस्तर पर हैं और मुस्कुराते चेहरे के साथ उंगलियों से ‘वी’ (जीत) का निशान बनाते नजर आ रहे हैं।
उन्होंने पोस्ट पर अपनी खुशी जताते हुए लिखा, “यह सीधे सड़कों से मिली प्रत्यक्ष लोकतंत्र की जीत है। यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है।
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सीजेपी, देश की जेन-जी और उन सभी नागरिकों का धन्यवाद, जिन्होंने डर और ‘डर के डर’ को छोड़कर देश के कोने-कोने से आवाज उठायी। अब जवाबदेही तय होने के बाद, हमारा अगला कदम शिक्षा प्रणाली में सुधारों की ओर होना चाहिए।”
अपनी पोस्ट के जरिए श्री वांगचुक ने साफ कर दिया है कि यह फैसला लोकतंत्र और युवा शक्ति के संयम की मिसाल है। उन्होंने कहा कि 26 दिनों के लंबे अनशन और देश भर के युवाओं की अटूट एकजुटता ने यह साबित कर दिया है कि जब जनता निडर होकर खड़ी होती है, तो सत्ता को जवाबदेह बनना ही पड़ता है। इसके बाद प्रमुखता से उन्होंने लिखा, “जवाबदेही से अब सुधारों की ओर।
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