नई दिल्ली। केंद्र सरकार यूपीआई पर शुल्क लगाने के फैसले को टाल सकती है। बताया जा रहा है कि 15 अक्टूबर से यूपीआई पर शुल्क नहीं लगेगा। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने यूपीआई के जरिए होने वाले दो हजार रुपए से ऊपर के लेनदेन पर 0.40 फीसदी शुल्क लगाने का ऐलान किया था। इसे नवरात्रों के बीच 15 अक्टूबर से लागू किया जाने वाला था। लेकिन इसके खिलाफ पूरे देश में प्रदर्शन हो रहे थे। व्यापारियों ने इसका विरोध किया था।
जानकार सूत्रों के मुताबिक इसे नवरात्रों से नहीं लागू किया जाएगा। यह भी कहा जा रहा है कि अभी शुरू हो रहे त्योहारी सीजन में सरकार इस शुल्क को नहीं लागू करेगी। इसकी बजाय अगले साल एक जनवरी से इस नियम को लागू करने पर विचार किया जा रहा है। गौरतलब है कि सरकार ने कहा था कि यह शुल्क आम लोगों को नहीं देना होगा। दुकानदार यह शुल्क भरेंगे। उसके बाद कई जगह व्यापारियों ने ‘नो यूपीआई डे’ मनाया। व्यापारियों को इस बात की चिंता भी थी कि नकद से कारोबार बढ़ेगा तो फिर छापे वगैरह भी बढ़ेंगे।
लेकिन अगर सरकार इस फैसले को टाल देती है तो सब कुछ पहले की तरह चलता रहेगा। यूपीआई से लेनदेन फ्री रहेगा। हालांकि गुरुवार को यह खबर आने के बाद डिजिटल लेनदेन से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट हुई। शेयर बाजार में सूचीबद्ध फिनटेक कंपनियों में गुरुवार को ट्रेडिंग के दौरान पेटीएम का शेयर एक वक्त 10 फीसदी तक गिर गया था। हालांकि बाद में सुधार हुआ तब भी इसमें 5.42 की गिरावट हुई। पेटीएम के अलावा मोबिक्विक, पाइन लैब्स, एनपीएसटी आदि के शेयरों में भी अच्छी खासी गिरावट हुई।
