यूरोपीय संघ (ईयू) की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने सोमवार को कहा कि ईयू रूस पर नये प्रतिबंध लगाने जा रहा है जिसके तहत रूस के सैन्य-औद्योगिक क्षेत्र और यूक्रेन के कब्जे वाले इलाकों में चुनाव कराने से जुड़े करीब 1,600 लोगों और संस्थाओं को प्रतिबंधित सूची में डाला जायेगा।
लक्जमबर्ग में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले सुश्री कलास ने कहा कि संघ का मानना है कि रूस की युद्ध के लिए धन जुटाने की क्षमता को सीमित करने का प्रभावी साधन प्रतिबंध हैं। उन्होंने अमेरिका से अपनी नीतियों को यूरोपीय सहयोगियों के साथ मिलाने का आग्रह किया। उन्होंने यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने के लिए अमेरिका से मॉस्को पर दबाव बढ़ाने की अपील की।
“श्री कलास ने कहा, “हमारा स्पष्ट मानना है कि रूस पर दबाव ही काम करेगा।” उन्होंने कहा कि रूस ने यह युद्ध शुरू किया था और इसे रोकने के लिए उस पर ही दबाव बनाया जाना चाहिए।
प्रस्तावित प्रतिबंधों में रूस का सैन्य-औद्योगिक ढांचा और यूक्रेन के कब्जे वाले क्षेत्रों में आयोजित वे चुनाव निशाने पर हैं, जिन्हें सुश्री कलास ने ‘फर्जी चुनाव’ करार दिया। युद्ध जारी रखने की रूस की क्षमता को कमजोर करने के प्रयासों के तहत यूरोपीय संघ अपने प्रतिबंधों का दायरा लगातार बढ़ा रहा है।
सुश्री कलास ने दावा किया कि यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों के कारण रूस को एक ट्रिलियन यूरो से हाथ धोना पड़ा है और यह रकम अब युद्ध में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि रूस के ‘शैडो फ्लीट’ के खिलाफ उठाये गये कदमों से भी रूस के लिए अपने सैन्य अभियान को वित्तपोषित करना मुश्किल हो रहा है।
यह स्वीकार करते हुए कि रूस पाबंदियों से बचने के नये तरीके ढूंढ़ रहा है, सुश्री कलास ने कहा कि ईयू भी उसी हिसाब से अपने कदमों में बदलाव कर रहा है। उन्होंने कहा कि विदेश मामलों की परिषद की पिछली लगातार 10 बैठकों में संघ ने नयी प्रतिबंध सूचियों पर सहमति जतायी है।
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सुश्री कलास ने कहा कि अगर अमेरिका भी ऐसा ही रुख अपनाता है तो यूरोपीय संघ रूस पर दबाव बढ़ाने में ज्यादा बेहतर स्थिति में होगा। उन्होंने अमेरिका से रूस पर ‘ग्राहम बिल’ को लागू करने का आग्रह किया।
यूक्रेन में नए सिरे से चुनाव कराने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मांग पर सुश्री कलास ने कहा कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत युद्ध के दौरान आमतौर पर चुनाव नहीं कराये जाते हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने संकेत दिया है कि अगर युद्धविराम हो जाता है तो वे जल्द से जल्द चुनाव कराने के लिए तैयार होंगे। उन्होंने कहा, “चुनाव हमेशा देश के भीतर विभिन्न समूहों के बीच का मुकाबला होते हैं, जबकि हमले बाहर से हो रहे हैं।” उन्होंने कहा कि युद्ध जारी रहने के दौरान राष्ट्रीय एकजुटता बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है।
सुश्री कलास ने ‘ऊर्जा युद्धविराम’ के टिके रहने पर भी चिंता जतायी और कहा कि ईयू को अभी तक यह नहीं दिखा है कि रूस इसका पालन कर रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों की जान बचाने के लिए किसी भी तरह के संघर्षविराम को केवल ऊर्जा बुनियादी ढांचे तक सीमित रखने के बजाय और आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सर्दियों से पहले ऊर्जा सुविधाओं की रक्षा करना बेहद महत्वपूर्ण था, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि हमलों को रोकने के लिए लड़ाई पर व्यापक रोक लगानी होगी।
पश्चिम एशिया के मुद्दे पर सुश्री कलास ने हवाई अड्डे पर हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों की निंदा की और मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य को खुला रखने और लाल सागर से व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए यूरोपीय संघ एक अंतरराष्ट्रीय बल के समन्वय से अपने नौसैनिक ‘ऑपरेशन एस्पाइड्स’ को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा कर रहा है।
सुश्री कलास ने कहा कि यूरोपीय संघ द्वारा लेबनान में नागरिक और सैन्य घटकों वाले एक नये मिशन की स्थापना पर भी फैसला लेने की उम्मीद है। यदि यह निर्णय स्वीकार कर लिया जाता है तो यह मिशन कुछ ही महीनों में ज़मीनी स्तर पर काम करने के लिए तैयार हो सकता है।
Pic Credit : UNI
