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सीरिया में असद शासन के दौरान मुख्य मुफ्ती रहे अहमद बदरुद्दीन हसून को उम्रकैद

सीरिया में पूर्व राष्ट्रपति बशर असद के शासन में मुख्य मुफ्ती रहे अहमद बदरुद्दीन हसून को सोमवार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

हसून असद के समर्थक थे और सरकार की नीतियों का खुलकर समर्थन करते थे। उन्हें हिंसा भड़काने और हत्या को सही ठहराने का दोषी पाया गया।

हसून 2005 से 2021 तक मुख्य मुफ्ती रहे थे। साल 2021 में यह पद समाप्त कर दिया गया था। मुख्य मुफ्ती इस्लामी धार्मिक मामलों का सर्वोच्च अधिकारी होता है।

दमिश्क की आपराधिक अदालत के प्रमुख न्यायाधीश फखरुद्दीन अल-अरयान ने कहा कि असद के शासन के दौरान आधिकारिक धार्मिक व्यवस्था ने ‘‘नागरिक इलाकों को निशाना बनाने वाले और बड़े पैमाने पर तबाही मचाने वाले बैरल बमों के इस्तेमाल को सही ठहराया था, जो अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का उल्लंघन है।

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असद और उनके दौर के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को हाल ही में मौत की सजा सुनाई गई है। इनमें से कई लोगों को उनकी गैरमौजूदगी में सजा सुनाई गई। हसून सजा सुनाए जाते समय हिरासत में थे और अदालत में मौजूद थे।

साल 2011 में सीरिया में सरकार विरोधी बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हुए थे, जिनका सरकार ने बेरहमी से दमन किया था। इसके बाद सीरिया में करीब 14 साल तक गृहयुद्ध चला, जिसमें करीब पांच लाख लोग मारे गए। युद्ध से पहले सीरिया की आबादी 2.3 करोड़ थी, जिनमें से आधे से अधिक लोग विस्थापित हो गए।

दिसंबर 2024 में विद्रोहियों के सैन्य अभियान के बाद असद को सत्ता से हटा दिया गया और गृहयुद्ध खत्म हो गया।

Pic Credit : ANI

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