पंचांग 17 जनवरी गुरुवार

शुभ विक्रम संम्वत 2075  विरोधीकृत नाम संवत्सर ,शाके:1940 ।मु.मास- जमादि उल अव्वल 10

शिशिर ऋतू  पौष मास शुक्ल पक्ष

शुभ तिथि एकादशी नन्दा संज्ञक तिथि रात्रि 10 बजकर 35 मिनट तक तत्पश्चात द्वादशी तिथि रहेगी ।एकादशी तिथि मे विवाह आदि मांगलिक , यज्ञोपवीत ,गृह आरम्भ, प्रवेश,देव कार्य आदि कार्य शुभ व सिद्ध होते है|

अश्विनी "क्षिप्र " संज्ञक नक्षत्र दोपहर 1 बज कर 56 मिनट तक तत्पश्चात भरणी "उग्र-अधोमुख" संज्ञक नक्षत्र रहेगा | अश्विनी नक्षत्र मे विवाह ,यात्रा,विद्या इत्यादि कार्य सिद्ध होते है । अश्विनी नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक धनी ,सरल स्वाभाव वाला,साहसी,प्रसिद्ध ,सुन्दर , धनवान, बुद्धिमान होता है |अश्विनी नक्षत्र गण्डान्त मूल संज्ञक नक्षत्र है अतः इस नक्षत्र मे जन्मे जातको को मूल शांति करवा लेनी चाहिये ।     

चन्द्रमा सम्पूर्ण दिन वृषभ राशि में संचार करेगा |      

व्रतोत्सव -  पुत्रदा एकादशी व्रत सबका      

राहुकाल - दोपहर 1.30 बजे से 3 बजे तक                              

दिशाशूल - गुरुवार को दक्षिण दिशा मे दिशाशूल रहता है । यात्रा को सफल बनाने लिए घर से दही खा कर निकले ।

आज के शुभ चौघड़िये - सूर्योदय से प्रातः 8.40 मिनट तक शुभ का,प्रातः 11.18 से दोपहर 3.14 मिनट तक चर,लाभ ,अमृत का और सायं 4.33 से सूर्यास्त तक शुभ का चौघड़िया

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