पंचांग 18 जनवरी शुक्रवार

शुभ विक्रम संम्वत 2075  विरोधीकृत नाम संवत्सर ,शाके:1940 ।मु.मास- जमादि उल अव्वल 11

शिशिर ऋतू  पौष मास शुक्ल पक्ष

शुभ तिथि द्वादशी भद्रा संज्ञक तिथि रात्रि 8 बजकर 23 मिनट तक तत्पश्चात त्रयोदशी तिथि रहेगी। द्वादशी  तिथि मे विवाह आदि मांगलिक , यज्ञोपवीत ,गृह आरम्भ, प्रवेश,देव कार्य सहित सभी प्रकार के चर -स्थिर कार्य शुभ व सिद्ध होते है|  द्वादशी तिथि मे जन्मे जातक चंचल, अस्थिर, परोपकारी ,ऐश्वर्यवान ,धर्म परायण ,गुणवान,होते है।

रोहिणी "ध्रुव-उर्ध्वमुख" संज्ञक नक्षत्र दोपहर 12 बज कर 25 मिनट तक तत्पश्चात मृगशिर "मृदु " संज्ञक नक्षत्र रहेगा| रोहिणी  नक्षत्र मे यथा आवश्यक विवाह,धन संचय,देव ग्रह ,देव कृत्य इत्यादि कार्य सिद्ध होते है। रोहिणी नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक जनप्रिय ,सुमार्ग पर चलने वाला ,सुन्दर , धनवान, बुद्धिमान होता है  चन्द्रमा सम्पूर्ण दिन वृषभ राशि में संचार करेगा|      

व्रतोत्सव -  यमघट योग दोपहर 12-25 तक     

राहुकाल - प्रातः 10.30 बजे से 12 बजे तक

दिशाशूल - शुक्रवार को पश्चिम दिशा मे दिशाशूल रहता है। यात्रा को सफल बनाने लिए घर से जौ खा कर निकले।

आज के शुभ चौघड़िये - सूर्योदय से पूर्वाह्न 11.18 तक लाभ ,अमृत का ,दोपहर 12.37  मिनट से  1.56 तक शुभ का ,सायं 4.34 से सूर्यास्त तक चर का चौघड़िया 

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