पंचांग– 29 सितंबर शनिवार

शुभ विक्रम संम्वत 2075  विरोधीकृत नाम संवत्सर ,शाके:1940   ।मु.मास- मुहर्रम 17

शरद  ऋतू ,आश्विन मास कृष्ण पक्ष

शुभ तिथि चतुर्थी रिक्ता संज्ञक तिथि प्रातः 8 बजकर 4 मिनट तक तत्पश्चात पंचमी तिथि रहेगी । चतुर्थी तिथि मे अग्नि,विषादिक असद कार्य,शत्रु मर्दन,इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है | शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित है | चतुर्थी तिथि मे जन्मे जातक धनवान, बुद्धिवान ,भाग्यवान ,पराक्रमी  होते है। 

 कृतिका "मिश्र -अधोमुख" संज्ञक नक्षत्र रात्रि 2 बजकर 14 मिनट तक तत्पश्चात रोहिणी "ध्रुव-उर्ध्वमुख" संज्ञक नक्षत्र रहेगा | कृतिका नक्षत्र मे यथा आवश्यक अग्नि से सबंधित,कृषि इत्यादि कार्य सिद्ध होते है । कृतिका नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक सत्यवादी,सुमार्ग पर चलने वाला ,सुन्दर , धनवान, बुद्धिमान होता है | इनका भाग्योदय 29 वर्ष के बाद होता है      

चन्द्रमा सम्पूर्ण दिन रात्रि वृषभ राशि में संचार करेगा |      

व्रतोत्सव - पंचमी व कृतिका का श्राद्ध 

राहुकाल - प्रातः 9 बजे से 10.30 बजे तक

दिशाशूल - शनिवार को पूर्व दिशा मे दिशाशूल रहता है। यात्रा को सफल बनाने लिए घर से अदरक या उरद दाल खा कर निकले।      

आज के शुभ चौघड़िये    - प्रातः 7.51 मिनट से प्रातः 9.20 मिनट तक शुभ ,दोपहर 12.17 मिनट से सायं 4.44 तक चर,लाभ,और अमृत  का चौघड़िया  

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