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पंचांग- 13 अगस्त, रविवार    

शुभ विक्रम संम्वत 2074 साधारण नाम संवत्सर। सूर्य दक्षिणायन  ,शाके:1939  ।मु.मास-जिल्काद 20    

ऋतु- वर्षा ऋतू, मास- भाद्रपद कृष्ण पक्ष  

 शुभ तिथि षष्ठी नन्दा संज्ञक तिथि रात्रि 9 बजकर 32 मिनट तक तत्पश्चात सप्तमी तिथि आरम्भ। षष्ठी तिथि को यथा आवश्यक विवाहादि मांगलिक कार्य, गृहारम्भ, संस्कार सम्बंधित कार्य शुभ माने जाते हैं। पर पितृ कर्म वर्जित माना जाता है। षष्ठी तिथि मे जन्मे जातक धनवान, बुद्धिवान, व्यापार कुशल, आज्ञाकारी, धर्मपरायण होते है।

अश्विनी "क्षिप्र" संज्ञक नक्षत्र रात्रि 5 बज कर 4 मिनट तक तत्पश्चात भरणी "उग्र-अधोमुख" संज्ञक नक्षत्र रहेगा। अश्विनी नक्षत्र मे विवाह, यात्रा, विद्या इत्यादि कार्य सिद्ध होते है। अश्विनी नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक धनी, सरल स्वाभाव वाला, साहसी, प्रसिद्ध, सुन्दर, धनवान, बुद्धिमान होता है। अश्विनी नक्षत्र गण्डान्त मूल संज्ञक नक्षत्र है अतः इस नक्षत्र मे जन्मे जातको को मूल शांति करवा लेनी चाहिये।             

चन्द्रमा सम्पूर्ण दिन रात्रि मेष राशि में संचार करेगा 

व्रतोत्सव - चाँद छठ व्रत ,चंद्रोदय रात्रि 10.56 मिनट पर    

राहुकाल -सायंकाल 4.30 बजे से 6 बजे तक

दिशाशूल - रविवार को पश्चिम दिशा मे दिशाशूल रहता है। यात्रा को सफल बनाने लिए घर से घी-दलिया खा कर निकले।

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