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पंचांग– 13 जनवरी, शनिवार

शुभ विक्रम संम्वत 2074 साधारण नाम संवत्सर| सूर्य दक्षिणायन  ,शाके:1939  ।मु.मास-रवि उलसानि 22                 

ऋतु- शिशिर ऋतू ,मास- माघ मास कृष्ण पक्ष     

शुभ तिथि द्वादशी भद्रा संज्ञक तिथि  रात्रि 11 बजकर 52 मिनट तक तत्पश्चात त्रयोदशी तिथि रहेगी। द्वादशी  तिथि मे विवाह आदि मांगलिक , यज्ञोपवीत ,गृह आरम्भ, प्रवेश,देव कार्य सहित सभी प्रकार के चर -स्थिर कार्य शुभ व सिद्ध होते है|  द्वादशी तिथि मे जन्मे जातक चंचल,अस्थिर,परोपकारी ,ऐश्वर्यवान ,धर्म परायण ,गुणवान,होते है। 

अनुराधा "मृदु " संज्ञक नक्षत्र प्रातः 10 बज कर 14  मिनट तक तत्पश्चात ज्येष्ठा नक्षत्र | अनुराधा नक्षत्र मे विवाह,जनेऊ,यात्रा,अलंकार, तथा अन्य शुभ कार्य व मांगलिक कार्य शुभ माने जाते है । अनुराधा नक्षत्र मे जन्मा जातक सुन्दर ,साहसी,व्यापार निपुण ,धनवान, बुद्धिमान होता है।                    

चन्द्रमा  सम्पूर्ण दिन रात्रि वृश्चिक राशि में संचार करेगा | 

व्रतोत्सव - लोहिड़ी उत्सव   

राहुकाल - प्रातः 9 बजे से 10.30 बजे तक

दिशाशूल - शनिवार को पूर्व दिशा मे दिशाशूल रहता है। यात्रा को सफल बनाने लिए घर से अदरक या उरद दाल खा कर निकले।  

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