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मोदी के नए मंत्री माशाअल्लाह!

वैसे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में कई मंत्री माशाअल्लाह श्रेणी के हैं, लेकिन पिछले महीने उन्होंने जिन नए मंत्रियों को सरकार में शामिल किया है उनमें से कम से कम दो मंत्री तो ऐसे हैं, जिनको लेकर पार्टी दफ्तर से लेकर सोशल मीडिया तक में खूब चर्चा होने लगी है। इनमें से एक स्वतंत्र प्रभार के शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी हैं और दूसरे पर्यटन का स्वतंत्र प्रभार संभाल रहे केजे अल्फोंस हैं। 

अल्फोंस के बड़बोलेपन से भाजपा कई बार मुश्किल में फंसी है। उन्होंने नया ज्ञान दिया है कि देश में नेत्रदान करना अनिवार्य किया जाए। नेत्रदान या अंगदान को सबसे बड़ा दान माना जाता है और कई सामाजिक संगठन और मशहूर हस्तियां इसका प्रमोशन कर रही हैं। 

लोगों ने आगे बढ़ कर नेत्रदान, अंगदान या शरीरदान शुरू किया है। लेकिन इसे अनिवार्य करने की मांग करके अल्फोंस ने नया विवाद शुरू कर दिया है। भाजपा के नेता कह रहे हैं कि अतिउत्साह में उन्होंने यह बयान दे दिया। ध्यान रहे उन्होंने पहले भी अपने बयान से विवाद खड़ा किया था। उन्होंने विदेशी पर्यटकों को कहा था कि वे भारत घूमने आ रहे हैं तो अपने देश से ही बीफ खाकर आए हैं। पेट्रोल, डीजल की कीमत बढ़ने को सही ठहराते हुए उन्होंने कहा था कि जो लोग गाड़ियों से घूमते हैं वे भूखे नंगे नहीं हैं, जो कीमत नहीं चुका सकते हैं। 

उन्हीं के साथ मंत्री बने हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली प्रदेश भाजपा को अलग मुश्किल में डाला हुआ है। उन्होंने दिल्ली मेट्रो का किराया बढ़ाने के प्रस्ताव पर कहा कि अगर दिल्ली सरकार चाहती है कि किराया न बढ़े तो अगले पांच साल तक हर साल तीन हजार करोड़ रुपया दे। दिल्ली के मुख्यमंत्री इसमें से अपना आधा हिस्सा देने को तैयार हो गए थे, फिर भी किराया बढ़ा दिया गया। उनके बयान से आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों को केंद्र सरकार पर हमले का मौका मिला है और सोशल मीडिया में अबकी बार वसूली सरकार का नारा भी चल पड़ा है। 

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