Loading... Please wait...

भाजपा ने दिग्गज नेताओं की अनदेखी की!

भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा के दोवार्षिक चुनावों के लिए उम्मीदवारों का चयन करते हुए पार्टी के दिग्गज नेताओं की अनदेखी कर दी। शुरू में ही पार्टी ने केंद्र सरकार के सभी आठ मंत्रियों और सबसे शक्तिशाली महासचिव भूपेंद्र यादव के नाम की घोषणा कर दी थी। उसके बाद जितने बड़े नेताओं के नाम की चर्चा चलती रही, सब इंतजार ही करते रह गए और बिल्कुल नए चेहरों को राज्यसभा की टिकट मिल गई। 

अमित शाह की टीम के महासचिवों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे करीबी और विश्वस्त माने जाने वाले राम माधव को राज्यसभा में भेजने की चर्चा थी पर अंततः उनका नाम इस बार भी रह गया। पूर्वोत्तर में भाजपा के प्रदर्शन के बाद उनका नाम तय माना जा रहा था। इसी तरह तीन और महासचिवों अरुण सिंह, मुरलीधर राव और कैलाश विजयवर्गीय के नाम की चर्चा हो रही थी। पर इन तीनों की बजाय अनिल जैन और सरोज पांडेय को टिकट दिया गया। पार्टी महासचिव अरुण सिंह के भी राज्यसभा जाने की चर्चा थी पर वहां से विजय पाल सिंह तोमर को टिकट दे दिया गया। 

ऐसे ही पार्टी के प्रवक्ताओं में सबसे लोकप्रिय सुधांशु त्रिवेदी और शाहनवाज हैं और इस बार इन दोनों के नाम की भी चर्चा थी। इनके अलावा संबित पात्रा, नलिन कोहली और विजय सोनकार शास्त्री भी लोकप्रिय प्रवक्ता हैं। इनमें से संबित पात्रा और विजय सोनकर शास्त्री का नाम तय माना जा रहा था। पर ऐन मौके पर मीडिया विभाग के प्रमुख अनिल बलूनी और जीवएल नरसिंह राव का नाम तय हुआ। 

राज्यों में भी पार्टी के दिग्गज नेता इंतजार करते रह गए उनको मौका नहीं मिला। उत्तर प्रदेश में इस साल रिटायर हो रहे विनय कटियार को फिर मौका नहीं मिला। झारखंड में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की चर्चा थी पर उनको भी टिकट नहीं मिली। महाराष्ट्र में एकनाथ खड़से को भेजे जाने की चर्चा थी पर उनकी जगह केरल के नेता मुरलीधरन को मौका दिया गया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह धर्मपाल कौशिक के लिए जोर लगा रहे थे पर टिकट सरोज पांडेय को मिल गई। मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी दिग्गज नेता इंतजार करते रहे। 

380 Views

बताएं अपनी राय!

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।

© 2018 ANF Foundation
Maintained by Quantumsoftech