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राहुल गांधी अटका रहे हैं फैसले!

राहुल गांधी ने फैसले अटकाए रखने की कांग्रेस की परंपरा को बदलने की बजाय उसे और मजबूत किया है। पहले भी कांग्रेस में फैसले आसानी से नहीं होते थे, लेकिन जब से राहुल गांधी फैसले करने के लिए अधिकृत हुए हैं, तब से यह काम और मुश्किल हो गया है। कांग्रेस में संगठन और चुनाव तैयारियों से जुड़े दर्जनों फैसले अटके हुए हैं और राहुल गांधी फिर विदेश चले गए हैं। इस बार वे अमेरिका गए हैं और यह दौरा भी एक हफ्ते से दस दिन का होने वाला है। 

सो, अब फिर कांग्रेस उनके इंतजार में हैं। उनके लौटने पर बताया जा रहा है कि बिहार, ओड़िशा और हरियाणा का फैसला होगा। कांग्रेस नेता इसलिए भी परेशान हैं कि राहुल एकमुश्त फैसले नहीं कर रहे हैं। वे टुकड़ों में फैसला कर रहे हैं। उन्होंने राज्यों की टीम भी टुकड़ों में बदली है और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिवों की नियुक्ति भी किस्तों में की है। 

कांग्रेस के एक जानकार नेता का कहना है कि राहुल गांधी भले टुकड़ों टुकड़ों में बदलाव कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने पुरानी पूरी टीम बदल देने का फैसला किया है। पार्टी के लगभग सारे पुराने महासचिव बदल दिए जाएंगे। दिग्विजय सिंह से इसकी शुरुआत हुई थी। उनको एक एक करके सभी राज्यों के प्रभारी पद से हटा दिया गया। उसके बाद अंबिका सोनी ने हिमाचल प्रदेश का प्रभार वापस लिया गया। अब मोहन प्रकाश से प्रभार वापस लेने की शुरुआत हो गई है। उनको मध्य प्रदेश के प्रभारी से हटा दिया गया और जल्दी ही महाराष्ट्र के प्रभारी पद से भी हटाया जाएगा। कहा जा रहा है कि जो पुराने महासचिव बने रहेंगे, उनके पास भी सिर्फ एक राज्य का प्रभार रहेगा।

राहुल ने यह नया नियम बनाया है कि नेता चाहे कितना भी बड़ा हो उसे एक ही राज्य का प्रभार मिलेगा। तभी अशोक गहलोत और सुशील शिंदे जैसे बड़े नेताओं को भी एक ही राज्य का प्रभार मिला। इस नियम के तहत सीपी जोशी, अंबिका सोनी, मुकुल वासनिक आदि के पास भी सिर्फ एक एक राज्य का प्रभार रह सकता है।  राज्यों में बदलाव का फैसला भी एक साथ नहीं हो रहा है।  कांग्रेस के जानकार सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी के अमेरिका से लौटने के बाद ओड़िशा, बिहार और हरियाणा के बारे में फैसला होगा। तीनों जगह अध्यक्ष बदले जाएंगे और यह भी संभावना है कि विधायक दल के नेता भी बदले जाएं। हरियाणा में जाट-दलित, बिहार में अगड़ा-पिछड़ा और ओड़िशा में आदिवासी-गैर आदिवासी का समीकरण बनाया जाएगा। 

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