केंद्रीय कैबिनेट में सिर्फ दो दलित!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों एक भाषण में कहा कि उन्होंने शीर्ष पदों पर पिछड़े और वंचित समुदाय के लोगों को बैठाया है, जो विपक्ष को पसंद नहीं आ रहा है। उनका इशारा संभवतः अपनी ओर और राष्ट्रपति व उप राष्ट्रपति की ओर था। क्योंकि इसके अलावा उनकी पार्टी ने कहीं भी पिछड़ों, दलितों या वंचितों को खास महत्व नहीं दिया है। मुख्यमंत्रियों और उप मुख्यमंत्रियों के अलावा केंद्रीय मंत्रियों में कोई खास दलित चेहरे नहीं हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में उनके सहित कुल 28 कैबिनेट मंत्री हैं। इन 28 कैबिनेट मंत्रियों में से सिर्फ दो मंत्री दलित हैं। उनमें से भी एक रामविलास पासवान सहयोगी पार्टी से आते हैं। भाजपा के अपने नेताओं में से एकमात्र दलित कैबिनेट मंत्री थावरचंद गहलोत हैं। बाकी 26 में से एक मुस्लिम मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी हैं।

मोदी कैबिनेट के बाकी 25 मंत्रियों में से 18 मंत्री ब्राह्मण, राजपूत, कायस्थ, जाट, वैश्य और पंजाबी हैं। सिर्फ सात मंत्री पिछड़ी जाति के हैं। मोदी कैबिनेट में 11 मंत्री स्वतंत्र प्रभार के हैं। इसमें कोई भी दलित नहीं है। छह अगड़ी जाति के हैं, एक पंजाबी, एक ईसाई और बाकी पिछड़ी जाति के हैं। इनके अलावा 37 राज्य मंत्री केंद्र सरकार में हैं। इन राज्य मंत्रियों में पांच या छह मंत्री दलित हैं। यानी देश की कुल 16.6 फीसदी आबादी से केंद्र सरकार में एक कैबिनेट और पांच-छह राज्य मंत्री हैं।

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