Loading... Please wait...

गठबंधन का प्रयास प्रादेशिक नेता भी करेंगे!

आमतौर पर माना जा रहा है कि भाजपा के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा गठबंधन बनाने का प्रयास कांग्रेस या सीपीएम की ओर से किया जाएगा। पहले भी ऐसा ही होता रहा है। इसके अलावा पिछले दो दशक राजनीति से यह सबक मिला है कि जब तक गठबंधन में भाजपा या कांग्रेस में से कोई एक बड़ी पार्टी नहीं होगी, तब तक गठबंधन सफल नहीं हो पाएगा। पर अगले लोकसभा चुनाव से पहले यह भी संभव है कि कांग्रेस के अलावा प्रादेशिक पार्टियां अपने स्तर पर गठबंधन बनाने का प्रयास करेंगी। 

तभी उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से हुई मुलाकात को बेहद खास माना जा रहा है। जानकार सूत्रों का कहना है प्रादेशिक क्षत्रप अपने स्तर पर गठबंधन की बात इसलिए कर रहे हैं ताकि बाद में कांग्रेस उन्हें दबा न सके या अपनी मनमानी न कर सके। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते अखिलेश ने कोलकाता में ममता बनर्जी से मुलाकात की और बताया जा रहा है कि दोनों के बीच भाजपा विरोधी गठबंधन को लेकर चर्चा हुई। 

इससे पहले झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी। इन दोनों नेताओं ने भी साझा राजनीति पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि कांग्रेस की ओर से गठबंधन की बात करने में हो रही देरी की वजह से मरांडी को मजबूर होना पड़ा कि वे दूसरी पार्टी से बात करें। प्रादेशिक क्षत्रपों को यह भी लग रहा है कि अगर गुजरात में कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा रहा तो वह अपनी शर्तों पर गठबंधन बनाने का प्रयास करेगी। इसलिए भी वे अपना अलग प्रयास जारी रखे हुए हैं।  गठबंधन की संभावित पार्टियां अपनी जोर आजमाइश भी कर रही हैं। तभी उत्तर प्रदेश में सपा, बसपा और कांग्रेस तीनों ने अलग अलग चुनाव लड़ा। हालांकि तीनों के लिए नतीजे बहुत खराब रहे। इसी तरह बसपा ने हिमाचल प्रदेश और गुजरात में उम्मीदवार उतारे हैं। बसपा प्रमुख मायावती गुजरात में रैली भी कर रही हैं।

391 Views

बताएं अपनी राय!

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।

© 2018 ANF Foundation
Maintained by Quantumsoftech