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भाजपा में महिला, ‘जेन जी’ का क्या हुआ?

New Delhi, Mar 18 (ANI): Prime Minister Narendra Modi, Home Minister Amit Shah, BJP National President Nitin Nabin, Maharashtra CM Devendra Fadnavis, West Bengal Assembly LoP Suvendu Adhikari and others at the Central Election Committee meeting of the BJP for West Bengal at the BJP headquarters, in New Delhi on Wednesday. (ANI Video Grab)

भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन की टीम में ‘जेन जी’ यानी 29 साल से कम उम्र के किसी भी नेता को जगह नहीं मिली। सबसे युवा हेमांग जोशी हैं, जिनकी उम्र 35 साल है। वे भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष बनाए गए हैं। सबसे ज्यादा उम्र की वसुंधरा राजे हैं, जो 73 साल की हैं। माना जा रहा था कि इस बार युवाओं को ज्यादा जगह मिलेगी। इसके दो कारण बताए जा रहे थे। पहला कारण तो यह था कि भाजपा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को बनाया है, जिनकी उम्र 46 साल है। सो, उनसे बहुत ज्यादा उम्र और बहुत ज्यादा अनुभव वाले व्यक्ति को उनकी टीम में नहीं रखा जा सकता था। दूसरा कारण यह था कि दिल्ली के जंतर मंतर से लेकर देश के अलग अलग हिस्सों में ‘जेन जी’ का प्रदर्शन हुआ है, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम के जरिए उनसे जुड़ने की कोशिश की है। लाल किले से इस बार 15 अगस्त के भाषण में भी उनका फोकस युवाओं के ऊपर था। परंतु ‘जेन जी’ के किसी युवा को नितिन नबीन की टीम में जगह नहीं मिली।

जानकार सूत्रों का कहना है कि ऊपर भले कोशिश हो रही है कि युवाओं से जुड़ा जाए लेकिन अंदर खाने उनके राजनीतिक व चुनावी महत्व को स्वीकार नहीं किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि प्रदर्शन करने वाले युवा ‘जेन जी’ के प्रतिनिधि नहीं हैं। यह भी कहा जा रहा है कि जो सेना में भर्ती हो रहा है या जो अग्निवीर बन रहा है या जो सिविल सर्विसेज में चुना जा रहा है वह सब भी ‘जेन जी’ है। माना जा रहा है कि वह सब सरकार के साथ है। इसलिए बातों से लुभाने के अलावा कुछ करने की जरुरत नहीं है इस सोच में युवाओं को ट्रीट किया जा रहा है। दूसरा कारण यह बताया जा रहा है कि पार्टी को 29 साल से कम उम्र का युवा नेता तलाश करना होता। इसलिए पार्टी उस दबाव में नहीं आई कि प्रदर्शन हुआ है तो किसी ‘जेन जी’ के नेता को संगठन में पदाधिकारी बनाया जाए। इसलिए उन पर ध्यान नहीं दिया गया।

दूसरी बात यह कही जा रही थी कि महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिलेगा। भाजपा के कई जानकार नेता कह रहे थे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिसाल बनाने वाले हैं। विपक्षी पार्टियों से कुछ उम्मीद करने से पहले वे खुद ही पार्टी में महिलाओं को भागीदारी देंगे। लेकिन जब सूची आई तो उसमें सिर्फ 12 महिलाएं थीं। भाजपा पदाधिकारियों की 65 की सूची में सिर्फ 12 महिलाएं हैं। इनमें से भी छह को उपाध्यक्ष बनाया गया है। सबको पता है कि भाजपा संगठन में उपाध्यक्षों की कोई खास भूमिका नहीं होती है। आमतौर पर वहां पुराने लोगों को एडजस्ट किया जाता है। एक समय भाजपा में अघोषित नियम था कि जिसको मुख्यमंत्री पद से हटाया जाएगा या हार कर हटेगा उसे उपाध्यक्ष बनाया जाएगा। तभी वसुंधरा राजे से लेकर शिवराज सिंह चौहान और रघुवर दस तक सब उपाध्यक्ष थे। अब भी वसुंधरा और तीरथ सिंह रावत उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। सो, इस बात की संभावना कम है कि उपाध्यक्ष बनाई गई महिलाओं को संगठन में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी। भाजपा के सिस्टम में सबसे अहम संगठन महामंत्री, महामंत्री और संयुक्त संगठन महामंत्री का पद होता है। इन तीन पदों पर 11 लोग हैं, जिनमें एक महिला हैं, स्मृति ईरानी। यानी महत्व वाले पद पर नौ फीसदी प्रतिनिधित्व महिलाओं को मिला है।

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