Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

दीपके को महाराष्ट्र में राजनीति करनी है

दिल्ली में सीजेपी के लोगों के साथ साथ कांग्रेस, लेफ्ट और दूसरी पार्टियों के लोग भी यह सवाल पूछ रहे हैं कि जब राहुल गांधी के घर पर हुई चाय पार्टी में यह तय कर लिया गया कि अब त्योहारों की बीच में कोई विरोध प्रदर्शन नहीं होगा तो फिर सीजेपी ने क्यों कनॉट प्लेस में तिरंगा मार्च का ऐलान किया? य़ह सवाल इसलिए पूछा जा रहा है क्योंकि राजनीतिक दलों को यह फीडबैक मिली थी कि आम लोग इससे परेशान हो रहे हैं। कारोबारियों का धंधा ठप्प है। हजारों करोड़ रुपए के बिजनेस का नुकसान हो रहा है। ध्यान रहे दिल्ली में दिवाली सबसे बड़ा त्योहार है, जिसमें सबसे ज्यादा कारोबार होता है। इसी वजह से विपक्ष ने दिवाली के बाद ही प्रदर्शन आगे बढ़ाने का फैसला किया।

ऐसा लग रहा है कि अभिजीत दीपके को इसकी परवाह नहीं है। कांग्रेस के एक नेता ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि दीपके को दिल्ली या उत्तर भारत में कहीं राजनीति नहीं करनी है। इसलिए उनको इस बात की कोई चिंता नहीं है कि दिल्ली के कारोबारी क्या सोचते हैं और प्रदर्शन को लेकर नोएडा और दिल्ली में क्या सोचा जा रहा है। उन्होंने दिल्ली को लॉन्च पैड बनाया है महाराष्ट्र में और वहां भी संभाजीनगर में राजनीति करने के लिए। इसका किसी को अंदाजा नहीं है कि वे कब पार्टी बनाएंगे। लेकिन राजनीति संभाजीनगर में करेंगे। वहां उनको लोकसभा का चुनाव लड़ना है। उनके करीबी जानकारों का कहना है कि वे चाहते हैं कि कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियां उनके लिए यह सीट छोड़ दें। इस सीट पर 2019 में ओवैसी की पार्टी के इम्तियाज जलील जीते थे। विपक्ष इसको अपने लिए बहुत मुफीद नहीं मानता है। इसलिए उनके लिए सीट छोड़ी जा सकती है। लेकिन अगर वे विपक्ष के साथ जाने की बजाय अपनी पार्टी भी बनाते हैं तब भी उनको और अजिंक्य शिंदे को महाराष्ट्र में ही राजनीति करनी है।

Exit mobile version