भारतीय जनता पार्टी ने भोजपुरी के सितारों की फौज तैयार की है। सोशल मीडिया में लोग इसका मजाक भी बनाते हैं लेकिन यह राजनीतिक रूप से हर बार भाजपा को फायदा पहुंचाता है। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के इतनी बड़ी संख्या में लोग देश के अलग हिस्सों में लोग बसे हैं कि वे एक बड़ी राजनीतिक ताकत हो गए हैं। उनको भाजपा के साथ जोड़ने में ये भोजपुरी स्टार बड़ी भूमिका निभाते हैं। दिल्ली से लेकर हरियाणा और मुंबई से लेकर कोलकाता तक इनकी उपयोगिता है। बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में तो खैर है ही। खबर है कि भाजपा अपने सभी भोजपुरी सितारों को मुंबई में नगर निगम चुनाव में उतार रही है। उसके बाद सबको पश्चिम बंगाल और असम भेजा जाएगा। दोनों राज्यों में बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों की बड़ी आबादी है।
बहरहाल, मुंबई में हिंदी भाषी आबादी बड़ी है और ज्यादातर लोग बिहार और उत्तर प्रदेश के हैं। भाजपा ने बीएमसी की 227 में से 21 सीटों पर हिंदी भाषी लोगों को उम्मीदवार बनाया है। ध्यान रहे भाजपा को हिंदी और गुजराती भाषी लोगों का एडवांटेज है, जबकि उद्धव व राज ठाकरे की शिव सेना को सिर्फ मराठी मानुष के वोट की राजनीति करनी है। बताया जा रहा है कि भाजपा ने हिंदी और भोजपुरी फिल्मों में बड़ा नाम कर चुके भाजपा सांसद रवि किशन को मुंबई में उतार चुकी है। उनके अलावा दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी को भी प्रचार में उतारा गया है। 15 जनवरी को होने वाले चुनाव के लिए दिनेश लाल यादव निरहुआ और पवन सिंह को भी प्रचार के लिए भेजा जाएगा। पवन सिंह ने बिहार चुनाव में बडी भूमिका निभाई है और उनको बिहार से राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा भी है। लेकिन जब ऐसी चर्चा चलती है तो उनका कोई न कोई विवादित वीडियो या तस्वीर आ जाती है। अब उनके जन्मदिन के जश्न की वीडियो वायरल हो रही है, जिसमें वे शराब पीकर बहकते दिख रहे हैं। बहरहाल, मुंबई की 110 सीटों पर हिंदी भाषी लोगों का असर है।
