भारतीय जनता पार्टी की करीब 20 राज्यों में सरकार चल रही है। लगभग सभी राज्यों में भाजपा के नेताओं की एक ही शिकायत है। वह शिकायत है कि अधिकारी बात नहीं सुनते। मजेदार बात यह है कि भाजपा के बहुत बड़े नेता भी यह शिकायत कर रहे हैं। राज्य सरकार और केंद्र सरकार के मंत्रियों की भी शिकायत है। दूसरी शिकायत यह है कि मुख्यमंत्री मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं और किसी को भरोसे में नहीं ले रहे हैं। पहली शिकायत का ही यह विस्तार है, जिसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री की शह पर अधिकारी दूसरे नेताओं को तवज्जो नहीं दे रहे हैं। सोचें, भाजपा को सबसे ज्यादा अनुशासन वाली पार्टी माना जाता है। ऊपर से नरेंद्र मोदी और अमित शाह का नेतृत्व है, फिर भी पार्टी के नेता खुलेआम एक दूसरे की आलोचना कर रहे हैं और कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री बेलगाम हो गए हैं।
यह शिकायत लगभग सभी राज्यों की है लेकिन मध्य प्रदेश का घटनाक्रम सबसे ज्यादा चौंकाने वाला है। पिछले दिनों चंद्रशेखर को मध्य प्रदेश का संगठन महामंत्री बनाया गया। उनके सामने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री की जम कर शिकायत की। जानकार सूत्रों का कहना है कि एक समय तो मंत्री के साथ मुख्यमंत्री की नोकझोंक भी हो गई। सीएम और डिप्टी सीएम के इस विवाद को संगठन महामंत्री ने संभाला।
बताया जा रहा है कि चंद्रशेखर ने पार्टी के सभी नेताओं को तीन महीने के अंदर आपसी विवाद के मुद्दे सुलझाने और आंतरिक कलह समाप्त करने को कहा है। सूत्रों का कहना है कि उनकी मौजूदगी में हुई बैठक में प्रदेश के दो सबसे बड़े नेताओं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी शिकायत की। शिवराज सिंह चौहान 15 साल राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं और अभी केंद्र में मंत्री है, उन्होंने कहा कि जिले के कलेक्टर उनकी बात नहीं सुनते हैं। अमित शाह की टीम में राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया जा रहा है कि संगठन महामंत्री के साथ बैठक में कहा कि 15 दिन तक प्रयास करने के बावजूद मुख्यमंत्री से बात नहीं हो पाती है।
सोचें, पार्टी के साधारण नेताओं की क्या स्थिति होगी, जब इतने बड़े नेताओं की बात सीएम से नहीं हो पाती है और इतने बड़े नेताओं की बात कलेक्टर नहीं सुनते हैं! इस तरह की शिकायत राजस्थान से लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार से लेकर ओडिशा तक की भाजपा सरकारों के मंत्री और वरिष्ठ नेता कर रहे हैं। हर जगह गुटबाजी की खबरें आ रही हैं। कई लोग कह रहे हैं कि सचमुच में भाजपा का कांग्रेसीकरण हुआ है।
