मंगलवार, छह अक्टूबर को एक लोकसभा और सात विधानसभा सीटों के उपचुनाव हैं। हालांकि इनके नतीजों से किसी भी सरकार की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन कम से कम दो राज्यों के उपचुनावों के नतीजे मुख्यमंत्रियों के लिए बहुत अहम होंगे। पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और तमिलनाडु के सी जोसेफ विजय की परीक्षा उपचुनावों में होने वाली है। दोनों राज्यों में दो दो सीटों के उपचुनाव हो रहे हैं। बंगाल में एक सीट तो मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अपनी है। वे नंदीग्राम और भबानीपुर दोनों सीटों से जीते थे और नंदीग्राम खाली कर दी थी। दूसरी सीट रेजिनगर की है। एजेपी नाम से पार्टी बना कर चुनाव लड़े हुमायूं कबीर रेजिनगर और नौदा से जीते थे। उन्होंने रेजीनगर सीट पर अपने बेटे को लड़ाया है। वहां एजेपी, कांग्रेस, तृणमूल के दोनों गुट और लेफ्ट से पांच मुस्लिम उम्मीदवार लड़ रहे हैं।
हालांकि फिर भी भाजपा के हिंदू उम्मीदवार के जीतने के चांस कम हैं। तभी शुभेंदु अधिकारी का पूरा फोकस नंदीग्राम पर है। वे बड़े अंतर से इस सीट को जीतना चाहते हैं। उधर तमिलनाडु की दो सीटों मदुरंतकम और धारापुरम में उपचुनाव हो रहा है। दोनों सीटें पिछले चुनाव में अन्ना डीएमके ने जीती थी। उसके विधायक पाला बदल कर विजय की पार्टी टीवीके में शामिल हो गए विजय ने दोनों को टिकट देकर मैदान में उतारा है। गौरतलब है कि विजय की पार्टी के पास अकेले बहुमत नहीं है। वे दूसरी पार्टियों के विधायकों के इस्तीफे करा कर उन्हें अपनी पार्टी से लड़ा रहे हैं और बहुमत हासिल करना चाहते हैं। अगर ये दोनों सीटें उनकी पार्टी जीतती है तो विजय की स्थिति मजबूत होगी। दिलचस्प यह है कि विजय की सरकार को समर्थन देने वाली लेफ्ट पार्टियों के उम्मीदवार इन दोनों सीटों पर लड़ रहे हैं।
