कैबिनेट में फेरबदल को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपर कई सहयोगी दलों का भी दबाव है। बिहार की सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी जनता दल यू ने एक अतिरिक्त मंत्री पद के लिए दबाव बनाया है। उसके 12 लोकसभा और चार राज्यसभा सांसद हैं। 16 सांसद होने के बावजूद इसके डेढ़ मंत्री हैं। एक कैबिनेट मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह और दूसरे राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर। पहले राज्यसभा के उप सभापति का पद पार्टी के पास था, जो अब नहीं है। सो, पार्टी एक कैबिनेट मंत्री का पद मांग रही है। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा इस पद के दावेदार हैं।
जदयू के अलावा बिहार की तीनों सहयोगी पार्टियों ने भी दबाव बनाया है। खास कर चिराग पासवान ने। चिराग लगातार सरकार के खिलाफ बयान दे रहे हैं। वे कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में भी बोल चुके हैं। जानकार सूत्रों का कहना है कि वे खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय से खुश नहीं हैं और उनको कोई बड़ा मंत्रालय चाहिए। राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के पास कोई लोकसभा सीट नहीं है और उनके बेटे को राज्य सरकार में मंत्री बनाया गया है। लेकिन वे भी केंद्र में मंत्री पद चाहते हैं। झारखंड की सहयोगी पार्टी आजसू के इकलौते लोकसभा सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी भी केंद्र में मंत्री बनना चाहते हैं।
