बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चहेते मंत्री अशोक चौधरी विवादों में घिरे हैं। उनके मसले पर भाजपा और जनता दल यू के विधायक एक साथ हो गए है और उनका विरोध कर रहे हैं। दूसरी ओर नीतीश कुमार अब भी अशोक चौधरी के प्रति समर्थन दिखा रहे हैं। नीतीश कुमार और उनके वरिष्ठ मंत्री विजय चौधरी मंगलवार, 22 जुलाई की सुबह अशोक चौधरी के घर पहुंचे। अशोक चौधरी ने खुद सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। यह जानकारी इसलिए अहम है क्योंकि एक दिन पहले 21 जुलाई को विधानसभा सत्र के पहले दिन विधानसभा के सेंट्रल हॉल में एनडीए के विधायकों की बैठक हुई थी। इस बैठक में अशोक चौधरी की बडी फजीहत हुई। भाजपा और जनता दल यू दोनों के विधायकों ने उनके ऊपर हमला किया और उनको बोलने नहीं दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चुपचाप बैठे रहे। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी थे लेकिन वे भी खामोश रहे। भाजपा के दूसरे उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने हमले की कमान संभाली थी।
बताया जा रहा है कि मामला ग्रामीण विकास और ग्रामीण कार्य मंत्रालय में ग्लोबल टेंडर जारी करने का है। इन दोनों विभागों के मंत्री अशोक चौधरी हैं। इन विभागों में आमतौर पर छोटे छोटे टेंडर आते हैं, जो एक से 10 करोड़ रुपए तक के होते हैं। ग्रामीण इलाकों की टूटी फूटी सड़कों और पुल, पुलिया आदि के निर्माण और मरम्मत से जुड़े कामों में स्थानीय विधायकों की बात सुनी जाती है। साथ ही यह काम छोटे छोटे ठेकेदारों को मिलता है। लेकिन ग्लोबल टेंडर में एक साथ कई कामों को मिला कर बड़ा टेंडर जारी किया जाएगा, जो जाहिर है कोई बड़ी कंपनी हासिल करेगी और फिर अपने हिसाब से काम बाटेंगी। चूंकि ग्लोबल टेंडर की वजह से विधायकों की भूमिका समाप्त हो जाएगी इसलिए सभी दलों के विधायक नाराज हैं। उन्होंने बैठक में अशोक चौधरी को बोलने नहीं दिया। वे जब भी बोलना चाहते थे उनकी हूटिंग हो जाती थी और चुप करा दिया जाता था। विजय सिन्हा के साथ उनके विवाद की खबर सामने आने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया में लिखा कि ग्लोबल टेंडर के जरिए एक हजार करोड़ रुपए की वसूली की योजना है और इस रकम की बंदरबांट को लेकर दो वरिष्ठ मंत्रियों में झगड़ा हुआ है। बहरहाल, कारण जो हो लेकिन ऐसा लग रहा है कि इस विवाद की वजह से ही नीतीश कुमार मंगलवार की सुबह अशोक चौधरी के घर पहुंचे।
