स्विट्जरलैंड के दावोस में हर साल होने वाले विश्व आर्थिक मंच की बैठक में हिस्सा लेने के लिए जिन मुख्यमंत्रियों, उप मुख्यमंत्रियों को जाना था वे चले गए। सम्मेलन शुरू हो गया है। लेकिन कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार नहीं गए। उनका कार्यक्रम तय था लेकिन ऐन मौके पर उसे रद्द किया गया है। उससे पहले दिल्ली में थोड़ी देर के लिए राहुल गांधी से उनकी मुलाकात हुई थी। कहा जा रहा है कि राहुल से मिलने के बाद डीकेएस ने यात्रा टाली। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते जब राहुल गांधी तमिलनाडु जा रहे थे तो मैसुरू में रूके थे और वहां सिद्धारमैया व डीके शिवकुमार से उनकी मुलाकात हुई थी। उस मुलाकात के बाद सिद्धारमैया ने कहा था कि सीएम पद को लेकर भ्रम की स्थिति बनी है उसे राहुल गांधी को दूर करना चाहिए।
उसके बाद दिल्ली में डीके शिवकुमार की राहुल से मुलाकात हुई। गौरतलब है कि शिवकुमार को असम में चुनाव लड़ाने की जिम्मेदारी मिली है। उनका कहना है कि वे इसी सिलसिले में दिल्ली में थे और राहुल से भी इसी मामले में मुलाकात हुई थी। दावोस की यात्रा टालने का कारण उन्होंने यही बताया है कि असम चुनाव की तैयारियों के सिलसिले में उनको कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ तैयारी बैठक करनी थी। हालांकि यह बहुत दमदार तर्क नहीं है। दावोस का सम्मेलन तीन दिन का होता है। उनकी तीन दिन की यात्रा से असम चुनाव की तैयारी प्रभावित नहीं होती। वैसे भी असम में छंटनी समिति की अध्यक्ष खुद प्रियंका गांधी वाड्रा हैं। राज्य के प्रभारी राहुल के करीबी भंवर जितेंद्र सिंह हैं और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी चुनाव की जिम्मेदारी मिली है। तभी कहा जा रहा है कि डीके शिवकुमार की दावोस यात्रा टलने का कारण मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रहे भ्रम का निपटारा करना है।
