अम्रेरिका के सेक्स अपराधी जेफ्री एफस्टीन की फाइल्स तो अमेरिका में खुल रही हैं लेकिन उनको भारत में चर्चा में ले आने का काम जो लोग कर रहे हैं उनमें एक महुआ मोइत्रा हैं। कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा भी जी जान से लगे हैं। लेकिन महुआ मोइत्रा का मामला थोड़ा निजी हो गया है। असल में उन्होंने एपस्टीन फाइल्स से ईमेल्स निकाल कर सोशल मीडिया में डालना शुरू किया। वे साथ साथ कमेंट भी करती थीं। उनके निशाने पर हरदीप पुरी थे। हरदीप पुरी ने जितनी बार अपनी सफाई दी उतनी बार महुआ ने नए ईमेल के जरिए उनको गलत साबित किया। इस बीच महुआ मोइत्रा को लेकर सोशल मीडिया में कुछ व्हाट्सऐप चैट्स लीक हुए। इसमें बहुत सी निजी और अंतरंग बातें थीं। दावा किया गया कि पिछले चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी के लिए चुनाव प्रबंधन काम करने वाले रणनीतिकार और महुआ मोइत्रा की निजी बातें हैं।
हालांकि महुआ ने कहा कि ये सारे चैट्स गलत हैं और फर्जी तरीके से बनाए गए हैं। इस सिलसिले में पश्चिम बंगाल पुलिस ने जांच की और डिजिटल व फारेंसिक विश्लेषण के बाद बताया कि ये चैट्स ऑर्गेनिक नहीं हैं और महुआ मोइत्रा को बदनाम करने के लिए बनाए गए हैं। इसके बाद यह भी पड़ताल हुई कि किसने ऐसा किया है। जांच की सुई दिल्ली से सटे नोएडा तक पहुंची। यहां पर भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय की एंट्री होती है। महुआ मोइत्रा ने कई वीडियो डाले हैं, जिनके आधार पर उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल पुलिस जब उनको बदनाम करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार करने पहुंची तो नोएडा पुलिस ने इसमें बाधा डाली और नोएडा पुलिस ने मालवीय के कहने पर ऐसा किया। एक वीडियो के आधार पर महुआ का कहना है कि एक व्यक्ति ने अमित मालवीय को फोन किया और फिर मालवीय ने पुलिस को फोन किया। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा अब दो मोर्चे पर लड़ रही हैं। वे अपना बचाव कर रही हैं और हरदीप पुरी को एक्सपोज कर रही हैं और बीच में भाजपा का आईटी सेल है।
