इस बार हरियाणा में कांग्रेस के अंदर की गुटबाजी ज्यादा खुल कर सामने आ गई है। प्रदेश के नए प्रभारी संजय दत्त के सामने भूपेंद्र सिंह हुड्डा और रणदीप सुरजेवाला ने एक दूसरे पर तंज किया और निशाना साधा। असल में पांच दिन के दौरे पर पहुंचे नए प्रभारी संजय दत्त ने सभी नेताओं को एक मंच पर इकट्ठा किय़ा था। वहां हुड्डा को बोलने का मौका मिला तो उन्होंने कहा कि सुरजेवाला साथ आ जाएं तो वे भाजपा को हरा सकते हैं। इसके बाद जब सुरजेवाला को मौका मिला तो उन्होंने कहा कि वे तो 20 साल से हुड्डा साहब का साथ दे रहे हैं। अबकी बार हुड्डा उनका साथ दें तो वे कांग्रेस को जीत दिला देंगे। इसके बाद उन्होंने पिछले चुनाव नतीजों को लेकर कई सवाल उठाए। सुरजेवाला ने कहा कि हर बार कहा जाता है कि वोट प्रतिशत बढ़ा या इतने वोट मिले लेकिन सरकार बनाने के लिए जरूरी 46 सीट तो नहीं आ रहा है। पिछली बार कांग्रेस जीतते जीतते हारी। कुमारी शैलजा के निष्क्रिय हो जाने से दलित वोट में बिखराव हुआ, जिसके कारण कांग्रेस हारी।
गौरतलब है कि हरियाणा में कांग्रेस पार्टी पिछले तीन चुनाव से हार रही है। लगातार 10 साल भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री रहे और उसके बाद 2014 से अभी तक तीन चुनाव कांग्रेस हारी है। इसके बावजूद पार्टी पर हुड्डा की पकड़ कमजोर नहीं हुई है। कुछ समय पहले तक हरियाणा में हुड्डा विरोधी गुट को एसआरके कहा जाता था। यानी शैलजा, रणदीप और किरण चौधरी का गुट। बाद में किरण चौधरी भाजपा के साथ चली गईं। कुलदीप बिश्नोई पहले ही भाजपा के साथ जा चुके हैं। हालांकि चौधरी बीरेंद्र सिंह का परिवार वापस कांग्रेस में लौटा है। बीरेंद्र सिंह और उनके बेटे ब्रजेंद्र सिंह तटस्थ रुख रखे हुए हैं। कहा जा रहा है कि कुमारी शैलजा और रणदीप सुरजेवाला एक साथ हैं। जानकार सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी भी चाहते हैं कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा की जगह कमान नए नेता को मिले। दूसरी ओर हुड्डा अपने बाद अपने बेटे दीपेंद्र को पार्टी की कमान सौंपना चाहते हैं। सो, आने वाले दिनों में कांग्रेस के अदंर का संघर्ष तेज होगा।
