राजनीति में कई बार किसी जाति या धर्म के व्यक्ति को आगे करके मैसेज दिया जाता है और कई बार किसी धर्म के व्यक्ति को हटा कर मैसेज दिया जाता है। भाजपा ने किसी मुस्लिम को लोकसभा या राज्यसभा की टिकट नहीं देने की नीति पर चल कर देश के 80 फीसदी के करीब हिंदुओं को एक मैसेज दिया। क्या ऐसा ही मैसेज रवनीत सिंह बिट्टू और हरदीप सिंह पुरी को राज्यसभा की टिकट नहीं देकर भाजपा ने पंजाब के हिंदू मतदाताओं को दिया है? ध्यान रहे पंजाब में 38 फीसदी के करीब हिंदू मतदाता हैं। गुरदासपुर जैसे एकाध जिलों के ग्रामीण इलाकों को छोड़ दें तो हिंदू वोट का कंसोलिडेशन आमतौर पर शहरी इलाकों में है, जहां भाजपा को मजबूती से चुनाव लड़ना है।
ऐसा लग रहा है कि दोनों सिख मंत्रियों को बारी बारी से राज्यसभा की टिकट रिन्यू नहीं करके भाजपा ने पंजाब के हिंदू मतदाताओं को एक मैसेज दिया है। हालांकि भाजपा ने जाट सिख समुदाय के केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। लेकिन वह भी प्रतीकात्मक है। भाजपा के जानकार नेताओं का कहना है कि राज्य की 55 के करीब सीटें ऐसी हैं, जहां हिंदू मतदाता निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। भाजपा अगर अकाली दल से तालमेल करती है तो वह इन सीटों पर दावा करेगी। ध्यान रहे राज्य की सभी पार्टियां जाट सिख या मजहबी दलित वोट पर नजर गड़ाए हुए हैं। भाजपा उससे अलग अपना एक समीकरण बना रही है। इससे राज्य का चुनाव दिलचस्प होगा।
