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डोवाल सच कर रहे हैं या चौहान और शिवकुमार?

New Delhi, May 12 (ANI): Defence Minister Rajnath Singh, NSA Ajit Doval, Navy Chief Admiral Dinesh Kumar Tripathi during a meeting with Prime Minister Narendra Modi, at latter residence in New Delhi on Monday. (ANI Photo)

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल ने दावा किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत को कुछ भी नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि किसी के पास कोई तस्वीर है तो दिखाए कि भारत को कहां नुकसान हुआ है। उनका दावा है कि एक भी सबूत नहीं है कि भारत का कोई नुकसान हुआ। नुकसान से उनका क्या मतलब है, यह उन्होंने नहीं बताया। तभी माना जा रहा है कि लड़ाकू विमानों से लेकर, ड्रोन और भारत के एयर डिफेंस सिस्टम से लेकर भारत के लड़ाकू विमानों के बेस तक कहीं भी भारत को नुकसान नहीं हुआ है। अब सवाल है कि अगर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सच कह रहे हैं तो भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ यानी सीडीएस जनरल अनिल चौहान और जकार्ता में भारत के डिफेंस अटैची कैप्टेन शिवकुमार ने जो कहा क्या वह झूठ था? सेना के इन दोनों अधिकारियों ने नुकसान की बात मानी है और जब उनका बयान आया तब किसी तरह का खंडन नहीं किया गया।

जनरल अनिल चौहान ने सिंगापुर में एक विदेशी मीडिया से बात करते हुए माना की लड़ाई में भारत को नुकसान हुआ। हालांकि कितना और क्या नुकसान हुआ यह उन्होंने नहीं कहा। जनरल चौहान ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत कार्रवाई के पहले दिन नुकसान हुआ। इसके बाद उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि कितना नुकसान हुआ यह अहम नहीं है, क्यों नुकसान हुआ यह बड़ा सवाल है। फिर जनरल चौहान ने कहा कि उसके बाद भारत ने अपनी रणनीति पर विचार किया और नौ व 10 मई की रात को बड़ी कार्रवाई की। उनकी इस बात की पुष्टि बाद में जकार्ता में भारत के डिफेंस अटैची कैप्टेन शिवकुमार ने की। उन्होंने कहा कि भारत के राजनीतिक नेतृत्व का संदेश स्पष्ट था कि पाकिस्तान के सैन्य ठिकानें को निशाना नही बनाना है। भारत को ऐसा लग रहा था कि परमाणु शक्ति संपन्न पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने पर वह पलटवार करेगा लेकिन अगर सिर्फ आतंकवादी ठिकानों पर हमला  करेंगे तो पाकिस्तान इससे दूर रहेगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कैप्टेन शिवकुमार ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया तो पाकिस्तान की सेना ने हमला कर दिया, जिसमें भारत के लड़ाकू विमानों को नुकसान हुआ।

बहुत साफ शब्दों में दोनों सैन्य अधिकारियों ने लड़ाकू विमानों के नुकसान की बात मानी है। अब यह सवाल नहीं है कि पांच विमान गिरे या छह गिरे और उनमें राफेल था या नहीं, लेकिन यह सही है कि विमान क्षतिग्रस्त हुए। क्षतिग्रस्त विमानों की भी किसी के पास तस्वीरें नहीं हैं। सो, अगर डोवाल का तर्क माना जाए तो तस्वीर नहीं है इसका मतलब है कि विमान नहीं गिरे थे! यह भी हैरान करने की बात है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार आज लोगों से सबूत मांग रहे हैं कि वे तस्वीर दिखाएं कि कहां भारत को नुकसान हुआ है। लेकिन जब बालाकोट और उरी मामले में लोग सबूत मांग रहे थे कि पाकिस्तान को हुए नुकसान का सबूत दिखाएं तो सबूत मांगने वालों को देशद्रोही कहा जा रहा था! अगर डोवाल की बात माने तो तस्वीर नहीं है इसका मतलब कोई सबूत नहीं है और वह घटना नहीं हुई है! सबको पता है कि युद्ध में जीतने वालों का भी नुकसान होता है। भारत जीता है फिर भी उसे कुछ नुकसान हुआ यह स्वीकार करने में क्या दिक्कत है? क्या डोवाल कहना चाहते है कि हम कोई भी युद्ध लड़ेंगे तो हमारा नुकसान नहीं होगा?

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