गुरुवार यानी 16 अप्रैल से तीन दिन का संसद सत्र होगा। इन तीन दिनों में तीन विधेयक पास होने हैं, जो परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े हैं। ये तीन दिन ऐसे हैं, जब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव प्रचार पीक पर होगा। तमिलनाडु की सभी 234 सीटों के लिए 23 अप्रैल को मतदान होगा। उसी दिन पश्चिम बंगाल की 152 सीटों के लिए वोटिंग होगी। बची हुई 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा। 23 अप्रैल को तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में होने वाली वोटिंग के लिए 21 अप्रैल को प्रचार बंद हो जाएगा। लेकिन उससे पहले तीन दिन 16 से 18 अप्रैल तक संसद का सत्र चलेगा।
ध्यान रहे पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी के 29 सांसद हैं। तमिलनाडु में एमके स्टालिन की पार्टी के 22 सांसद हैं। इन सबको चुनाव प्रचार में लगाया गया है। लेकिन संसद में परिसीमन और महिला आरक्षण के लिए लाए जा रहे विधेयकों पर चर्चा के दौरान इनको दिल्ली में रहना होगा। स्टालिन और ममता बनर्जी दोनों की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि उनके सांसद दिल्ली में रहेंगे। प्रचार छोड़ कर वे इसलिए दिल्ली में रहेंगे ताकि यह सुनिश्चित कर सकें कि परिसीमन की वजह से अगर उनको कुछ नुकसान होना है तो उसे वे संसद में उठा सकें और महिला आरक्षण कानून बनने में अपनी भागीदारी दिखा सकें। वैसे श्रेय लेने का सारा काम तो प्रधानमंत्री खुद ही करेंगे फिर भी दूसरी पार्टियां भी पीछे नहीं रहेंगी।
