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पारसी खुल कर टाटा के समर्थन में उतरे

New Delhi, Feb 19 (ANI): Tata Group Chairman N. Chandrasekaran speaks during the Opening Ceremony of India AI Impact Summit 2026 at Bharat Mandapam, in New Delhi on Thursday. (DD News/ANI Video Grab)

अंग्रेजी की एक पुरानी कहावत है, ‘नेवर फिक्स अ थिंग व्हीच इज नॉट ब्रोकेन’ यानी ऐसी चीज को ठीक करने की कोशिश न करें, जो खराब नहीं हुई है। टाटा समूह के मामले में भी ऐसा ही हो रहा है। सरकार नियम के नाम पर एक ऐसी चीज को ठीक करने की कोशिश कर रही है, जो खराब नहीं हुई है। सरकार पता नहीं किस उद्देश्य से यह तय करके बैठी है कि टाटा संस की लिस्टिंग होगी। हालांकि टाटा संस की कई कंपनियां शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं। लेकिन टाटा समूह में 12 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाले टाटा संस को सूचीबद्ध करने के लिए सारे उपाय हो रहे हैं।

इसमें टाटा ट्रस्ट से जुड़े कुछ ट्रस्टी शामिल हैं तो समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन भी शामिल हैं। इतना ही नहीं मुंबई के चैरिटी कमिश्नर भी कोई न कोई रास्ता निकाल रहे हैं, जिससे 66 फीसदी हिस्सेदारी वाले टाटा ट्रस्ट को अपने मन से फैसला करने से रोका जा सके। सबने मिल कर टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा को असहाय से बना दिया है। पहले तो पारसी समूहों ने इसे बहुत गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन अब कम से कम आठ पारसी संगठनों ने नोएल टाटा का पक्ष लिया है। उन्होंने कहा है कि पारसी मूल्यों के हिसाब से कंपनी चल रही है और उसे ऐसे ही चलने देना चाहिए। यह मिसाल भी दी गई है कि कैसे तमिलनाडु मर्केंटाइल बैंक को टेकओवर करने की एस्सार समूह की कोशिश को वहां के नाडार समूहों ने फेल किया था। देखना दिलचस्प होगा कि आगे क्या होता है।

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