बांकीपुर विधानसभा का उपचुनाव जीतने के बाद प्रशांत किशोर का ग्राफ अचानक बहुत ऊंचा हो गया है। इसका कारण एक तो बांकीपुर सीट में ही छिपा है। यह सीट मिनी बिहार की तरह है। कोई भी जिला ऐसा नहीं होगा, जहां के लोग बांकीपुर में नहीं रहते हैं। ज्यादातर लोग सरकारी या गैर सरकारी नौकरी करने वाले लोग उस क्षेत्र में रहते हैं। दूसरा कारण यह है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट है और तीसरा कारण यह है कि भाजपा ने इसे अपनी प्रतिष्ठा की सीट बना कर चुनाव लड़ा था। इस सीट पर जीत से यह भी प्रमाणित हुआ है कि लगातार जमीन पर मेहनत करके जीत हासिल हो सकती है। प्रशांत किशोर की जिद, जुनून और रणनीति सबकी कामयाबी है। माना जा रहा है कि किसी समय वे बिहार के मुख्यमंत्री बनेंगे। तभी एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या वे बिहार के अरविंद केजरीवाल हैं?
इसके जवाब में प्रशांत किशोर ने जो कहा वह बहुत दिलचस्प है। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि वे विजय और ममता बनर्जी क्यों नहीं हैं? ध्यान रहे प्रशांत किशोर ने केजरीवाल, विजय और ममता बनर्जी तीनों के चुनाव में रणनीतिक प्रबंधन का काम किया है। लेकिन वे अपने को विजय या ममता बनर्जी जैसा बनाना चाहते हैं। वे केजरीवाल नहीं बनना चाहते हैं इसका क्या कारण हो सकता है? यह तो पक्के तौर पर प्रशांत किशोर ही बता सकते हैं। हो सकता है कि वे केजरीवाल की राजनीतिक स्टाइल को पसंद नहीं करते हों। लेकिन यह तय है कि वे बिहार का मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। ध्यान रहे चाहे केजरीवाल हों या विजय या ममता बनर्जी, तीनों मुख्यमंत्री बने।
