यह बहुत से लोगों के लिए हैरानी की बात हो सकती है कि ये प्रज्ञा सातव कौन हैं और उनका कांग्रेस छोट़ देना कौन सी ब़डी बात हो गई। ऐसा इसलिए है क्योंकि बहुत से लोग उनको नहीं जानते हैं और वे कोई कांग्रेस की मुख्यधारा की बड़ी नेता नहीं थीं। फिर भी उनका कांग्रेस छोड़ना इसलिए बड़ी खबर है क्योंकि इससे महाराष्ट्र में कांग्रेस की स्थिति का पता चलता है। इसको एक और खबर के आलोक में देखने की जरुरत है। खबर है कि महाराष्ट्र में शहरी निकायों के चुनाव होने वाले हैं और सबसे महत्वपूर्ण बीएमसी चुनाव के लिए कम से कम 30 सीटों पर कांग्रेस को उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं। पिछले दिनों राहुल गांधी ने अपने करीबी हर्षवर्धन सपकाल को वहां का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है, जिसके बाद वहां स्थिति और बिगड़ी है।
बहरहाल, प्रज्ञा सातव कांग्रेस के बड़े नेता रहे राजीव सातव की पत्नी हैं। राजीव सातव यूथ कांग्रेस के जुड़े थे और महाराष्ट्र में जब कांग्रेस ने बहुत खराब प्रदर्शन किया तब भी वे लोकसभा का चुनाव जीते। बाद में उनको राज्यसभा भेजा गया. उनके असमय निधन के बाद पूरा गांधी परिवार दुख जताने पहुंचा था। उनकी पत्नी प्रज्ञा को जो उस समय एक घरेलू महिला थीं उनको सक्रिय राजनीति में उतारा गया। कांग्रेस ने राजीव सातव के प्रति सम्मान दिखाने के लिए प्रज्ञा सातव को विधान परिषद का सदस्य बनवाया। लेकिन अब उन्होंने भी कांग्रेस छोड़ दी है। वे कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हो गई हैं।
