जनता दल यू के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने अंग्रेजी के एक अखबार को एक इंटरव्यू में कहा है कि विपक्षी गठबंधन यानी ‘इंडिया’ ब्लॉक को तहस नहस करने वाले दो लोग हैं, ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल। उन्होंने कहा कि ‘इंडिया’ ब्लॉक में सहमति बन गई थी नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद का दावेदार घोषित किया जाए। लेकिन इन दोनों नेताओं ने इसमें अड़ंगा डाला, जिसकी वजह से जनता दल यू ने अलग होने का फैसला किया। लेकिन यह अधूरा सच है। यह जरूर है कि ममता बनर्जी ने अड़ंगा डाला। लेकिन अकेले यह कारण नहीं था। कांग्रेस को भी पता था कि ममता बनर्जी को कितना महत्व देना है। आखिर ममता बनर्जी खुद भी ‘इंडिया’ ब्लॉक में नहीं रहीं तो उनके कहने से कांग्रेस इतना बड़ा फैसला कैसे टालती?
असल में कांग्रेस के अंदर भी इस बात को लेकर संशय़ था कि नीतीश कुमार साथ रहेंगे या नहीं। इसलिए कांग्रेस उनको प्रधानमंत्री पद का दावेदार नहीं घोषित करना चाहती थी। कांग्रेस के जानकार नेताओं का कहना है कि इस पर कांग्रेस सहमत थी कि नीतीश कुमार को संयोजक बनाया जाए और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को इस गठबंधन का अध्यक्ष बनाया जाए। इस तरह कांग्रेस ने पिछड़ा और दलित राजनीति साधने का फॉर्मूला बनाया था। दूसरी बात यह है कि कांग्रेस को पता चल गया था कि जनता दल यू की बातचीत भाजपा से चल रही है और यह बातचीत 2023 के अंत में ही शुरू हो गई थी। इसलिए कांग्रेस के नेता आशंकित थे। कांग्रेस को यह भी पता था कि नीतीश कुमार की मानसिक सेहत ठीक नहीं है और संजय झा व ललन सिंह फैसला कर रहे हैं। तभी ‘इंडिया’ ब्लॉक छोड़ते ही जदयू ने भाजपा का दामन थाम लिया।
