नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार ने सात साल पहले सरदार पटेल नेशनल यूनिटी अवार्ड का गठन किया था। 2019 में गृह मंत्रालय ने इसकी शुरुआत की थी। लेकिन विडम्बना देखिए कि भारत जैसे विशाल और 145 करोड़ लोगों की आबादी वाले देश में पिछले सात साल से एक भी व्यक्ति इस योग्य नहीं मिला है, जिसे यह अवार्ड दिया जा सके। पहले साल यानी 2019 में एक सौ लोगों का नाम इस अवार्ड के लिए आय़ा था लेकिन किसी को इसके लायक नहीं समझा गया।
इस साल कहा जा रहा है कि सरदार पटेल नेशनल यूनिटी अवार्ड किसी को दिया जाएगा। इस साल कुल डेढ़ सौ नाम आने की खबर है। जानकार सूत्रों के मुताबिक उनमें से किसी का चयन होगा और 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती पर नाम की घोषणा होगी। जब नाम सामने आएगा तब पता चलेगा कि सात साल के बाद सरकार को कौन इस अवार्ड के योग्य मिला है। सोचें, हर साल सरकार पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण पुरस्कार देती है। भारत रत्न भी अनेक लोगों को दिया गया है। लेकिन उसी अवधि में सरदार पटेल नेशनल यूनिटी अवार्ड के योग्य कोई नहीं मिला! जाहिर है, जिसको पहला अवार्ड मिलेगा वह कई भारत रत्न और पद्म पुरस्कार पाने वालों से अपने क्षेत्र में श्रेष्ठ होगा!
